फतेहपुर। नाबालिग लड़कियों के मामले में शासन ने पुलिस को किसी तरह की हीलाहवाली नहीं बरतने के आदेश दे रखे हैं। इसके बाद भी औंग पुलिस ने आरोपियों के पक्ष में नाबालिग से उसके पिता और परिजनों पर मुकदमा दर्ज करा डाला। किशोरी मेडिकल रिपोर्ट में गर्भवती निकली तो पुलिस की सारी कवायद फेल हो गई। कोर्ट के आदेश पर आरोपी युवक पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि पुलिस अभी भी आरोपी की गिरफ्तारी में हीलाहवाली कर रही है।
किशोरी के पिता ने आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। औंग थाने के एक गांव की किशोरी को 20 अप्रैल को कॉलेज गई थी। उसे गांव का ही अजय कॉलेज से ले गया। इसके बाद पुत्री घर नहीं लौटी। किशोरी के पिता ने गांव के अजय दिवाकर और उसके परिजनों के खिलाफ अपहरण की शिकायत की थी। किशोरी के पिता का आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बेटी को 23 अप्रैल को बरामद किया। थाने में बिना कार्रवाई के बेटी को घर ले जाने का दबाव बनाया। कार्रवाई में अड़े रहने पर बेटी से तहरीर लेकर उनके और अन्य परिवारीजनों पर बलवा, मारपीट, गाली गलौज, धमकी का मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने नारी निकेतन भेजने के लिए किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया और बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया। कोर्ट ने किशोरी के गर्भवती होने की रिपोर्ट देखकर विवेचक का फटकार लगाई। पुलिस ने आरोपी अजय के खिलाफ किशोरी के पिता की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। मामले में पिता ने एसपी से आरोपी पक्ष पर मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने और आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। थानाध्यक्ष वृंदावन राय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।