फतेहपुर। हालातों से लड़ती छात्रा ने अपने सम्मान की लड़ाई स्वयं लड़ने का मजबूत फैसला लिया। उसने शोहदे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। छात्रा ने अपनी बंद पढ़ाई फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। छात्रा एक माह से शोहदे की हरकत से परेशान होकर स्कूल छोड़कर घर में बैठी है। छात्रा के इस कदम की सराहना हो रही है। वहीं, पुलिस की महिला सुरक्षा के दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राधानगर थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी कक्षा 11 की छात्रा है। वह शहर के एक इंटर कालेज में पढ़ती है। वह साइकिल से प्रतिदिन स्कूल आती-जाती है। घर से शहर के बीच गांव अंदौली पड़ता है। छात्रा ने एफआईआर में बताया कि प्रतिदिन रास्ते में एक युवक साइकिल के सामने खड़ा हो जाता है। वह अपने कपड़े उतारकर अश्लील बातें करता है।
आरोप लगाया कि एक माह पहले रोड से नीचे नहर की तरफ घसीटकर ले जाने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पहुंचे। उसे छोड़कर भाग निकला। सारी हदें पार होने पर परिजनों को आपबीती बताई। पिता ने मौके पर जाकर जानकारी ली। पूछताछ में सामने आया कि उसे परेशान करने वाला अंदौली का उस्मान है। पिता ने उसे समझाया कि बेटी पढ़ाई कर रही है। उसका भविष्य बर्बाद न करे।
इस पर उसने पिता को भी जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब वह 22 मार्च को स्कूल जा रही थी तभी उस्मान ने रास्ते में साइकिल रुकवाई और संबंध बनाने का दबाव बनाया। इन्कार करने पर दुष्कर्म की धमकी दी तो अगले दिन से स्कूल जाना ही बंद कर दिया। परिजनों ने पढ़ाई छोड़ने से मना कर शोहदे का डटकर सामना करने की ताकत दी। इसके बाद उससे कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया। प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी जल्द ही पकड़ा जाएगा।