अमौली (फतेहपुर)। शहीद के पिता पर लाठी-डंडे और धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर बदमाश भाग निकले। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। घायल को सीएचसी में भर्ती कराया गया। पुलिस ने चार बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को मौके से हमले में प्रयुक्त डंडे मिले हैं। रास्ते में एक बदमाश का छूटा अंगौछा भी मिला है।
थाना चांदपुर क्षेत्र के गांव सठिगवां निवासी कृष्ण कुमार पांडेय (65) शहीद विजय कुमार पांडेय के पिता हैं। विजय लगभग पांच साल पहले अखनूर सेक्टर में वीरगति को प्राप्त हो गया था। उनका बड़ा बेटा अजय कुमार पांडेय कानपुर नगर निगम में कर्मचारी है। अजय ने बताया कि पिता दरवाजे पर रात को उसके तीन साल के बेटे गोपाल के साथ सो थे। गांव आई एक बरात में पटाखों और डीजे से गोपाल की नींद खुल गई। बच्चा रोने लगा। पिता ने दरवाजे खुलवाया और मां सरिता को बच्चा सौंप दिया। इस दौरान गांव से पुलिस की गाड़ी निकली। पिता को पहचानने वाले पुलिस कर्मियों ने नमस्कार भी किया।
नींद न आने पर पिता घर से दो सौ मीटर दूर भाई के स्मारक स्थल की ओर चले गए। वह प्रतिदिन भोर पहर साफ सफाई के लिए स्मारक स्थल जाते हैं। स्थल का ताला खोलते समय पीछे से चार लोगों ने डंडे और धारदार हथियार से पिता पर हमला किया। पिता ने पड़ोसी रामसागर सोनकर को मदद के लिए बुलाया। शोर सुनकर रामसागर की भाभी सपेरी और बहू पहुंची। उन्हें आता देखकर हमलावर भाग निकले। हमले की सूचना 112 नंबर पर अजय ने पुलिस को दी। बेहोशी हालत में पिता को सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टर ने सीएचसी से सुबह सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल भेजा। प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह राजपूत ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई है। हमलावरों की तलाश की जा रही है।
बेटे अजय कुमार ने बताया कि पड़ोसियों की सूचना पर वह मौके पर पहुंचा। मौके से थानेदार के सीयूजी नंबर कई बार फोन किया। फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद 112 डायल कर सूचना दी गई। परिवार की कोई रंजिश नहीं है। हमला किसी मकसद से पिता पर किया गया है, यह समझ नहीं आ रहा है। पिता भी हमलावरों के बारे में कुछ नहीं बता सके हैं।