फोटो-01-गोली लगने से घायल हिस्ट्रीशीटर अंकित
फोटो-02- घटनास्थल की जांच करते एसपी व अन्य टीम
- लॉकअप से फरार हिस्ट्रीशीटर भोर पहर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
- जेल से 11 मार्च को पेशी में आने के बाद लॉकअप से भाग निकला था
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। कचहरी के लॉकअप से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागा हिस्ट्रीशीटर बंदी अंकित उर्फ शेरा को शनिवार भोर करीब चार बजे पुलिस ने बकंधा मोड़ के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में गोली उसके दाहिनी पैर पर लगी है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी उदय शंकर सिंह व एएसपी विजय शंकर मिश्र ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पूछताछ में सामने आया कि बंदी व्यापारी की हत्या में मिली सुपारी का बकाया वसूलने को भागा था। बाकी रकम मिलने के बाद दूसरे राज्य भाग जाता।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के महाजनी गली निवासी अमित गुप्ता की 29 जनवरी 2023 की रात पत्नी पूनम ने 10 लाख की सुपारी देकर हत्या कराई थी। अमित गुप्ता की मुंबई में कारोबार और करोड़ों की संपत्ति है। हत्याकांड में शामिल आठ आरोपियों में औंग थाना क्षेत्र के बसावनपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकित उर्फ शेरा भी पकड़ा गया था।
करीब एक साल से जेल में बंद था। वह 11 मार्च को कोर्ट पेशी पर आया था। पेशी के बाद लॉकअप के शौचालय की बाउंड्री फांदकर भाग निकला था। एसपी ने बताया बंदी की तलाश में एसओजी समेत अन्य टीम लगाई गई थी। बंदी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था।
बकंधा मोड़ महर्षि स्कूल रोड पर बाइक से अंकित उर्फ शेरा के कहीं जाने का टीम को पता लगा। एसओजी प्रभारी विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल अनिल सिंह व कोतवाल राजेंद्र सिंह की संयुक्त टीम ने हिस्ट्रीशीटर की घेराबंदी की। पुलिस मुठभेड़ के बाद अंकित को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को पूछताछ में अंकित ने बताया कि व्यापारी की हत्या में उसे करीब चार लाख रुपये हिस्से में मिलने थे।
हत्या के पहले 30 हजार रुपये मात्र मिले थे। हत्या में शामिल सारे साथियों की जमानत हो चुकी थी। वह अकेले बंद था। उसकी मुलाकात भी नहीं आती थी। आर्थिक रूप से परेशान था। इसी वजह से जेल से भागा था। कई दिनों से पूनम और सुपारी देने वाले अन्य साथियों से संपर्क की कोशिश में था। संपर्क होने पर सुपारी की बाकी रकम वसूलकर दूसरे राज्य भाग जाता। किसी से कोई संपर्क नहीं हो सका।
12 दिन से जंगल में रहता और भंडारे में पेट भरता
हिस्ट्रीशीटर लॉकअप से भागने के बाद जिले में ही घूमता रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों रामलीला व रासलीला में रात गुजारता था। दिन में जंगल में घूमता और सुपारी के रुपयों के लिए हाथ पैर मारता था। बकेवर रासलीला में प्रतिदिन भंडारा होता है। भंडारे में जाकर पेट भरता था।
थाने की टॉप-10 सूची का अपराधी अंकित
औंग थाने की टॉप-10 कुख्यातों की सूची में अंकित उर्फ शेरा शामिल है। उसके अपराधों का लंबा इतिहास है। हत्या, लूट, गैंगस्टर समेत 15 मुकदमे हैं। पहली बार चोरी में औंग पुलिस ने 2013 में उसे पकड़ा था। दूसरी बार कानपुर बर्रा पुलिस ने 2016 में सरकारी कर्मचारी पर हमला व अपहरण, दो चोरी, आर्म्स एक्ट के मुकदमे में पकड़ा था। बर्रा पुलिस ने ही 2016 में गैंगस्टर व कानपुर महाराजपुर पुलिस ने एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज किया था। औंग पुलिस ने 2019 में आर्म्स एक्ट, मारापीट, गैंगस्टर, विद्युत अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया। औंग पुलिस ने 2020 में एनडीपीएस एक्ट में पकड़ा। इसके बाद औंग पुलिस ने 2022 में चोरी, बरामदगी में पकड़ा। बिंदकी कोतवाली पुलिस ने 2023 में व्यापारी की हत्या गिरफ्तार किया।