फतेहपुर। जिले के विजयीपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बरहा में असली अमिता शुक्ला 13 साल से शिक्षक हैं। अन्य तीन जिलों में अपने नाम से तीन महिलाओं की नौकरी करने की जानकारी अमिता शुक्ला को जनवरी 2023 में तब हुई, जब उसके घर एसटीएफ जांच के लिए पहुंची। एसटीएफ ने सभी शैक्षिक अभिलेख कब्जे में लेकर सत्यापन कराने के बाद बरहा प्राथमिक स्कूल में तैनात अमिता शुक्ला के असली होने की मुहर लगाई।
खखरेरू थाने के धवरहरा निवासी ब्रह्मदत्त शुक्ला की पुत्री अमिता शुक्ला वर्तमान में अपने भाई पंकज के साथ खखरेरू में रहती हैं। उनकी शादी प्रयागराज जिले के सोरांव निवासी वीरेंद्र कुमार मिश्र के साथ हुई है। अमिता ने सन् 1998 में खखरेरू इंटर कालेज से हाईस्कूल उत्तीर्ण किया। सन् 2000 में गुरगौला इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2003 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया।
वर्ष 2006 में संकीर्तन ब्रह्मचर्य आश्रम महाविद्यालय झूंसी प्रयागराज से बीएड किया। उनकी वर्ष 2009 में विजयीपुर ब्लाक के प्राथमिक स्कूल बरहा में सहायक अध्यापक पद पर पहली नियुक्ति हुई। तबसे वह इसी स्कूल में नौकरी कर रही हैं।
अमिता के भाई पंकज ने बताया कि जनवरी 2023 में एसटीएफ के जवान उनके घर आए। परिचय लेने के बाद बहन के सभी अभिलेख कब्जे में ले लिए। एसटीएफ ने सभी अभिलेखों का सत्यापन कराने के बाद लौटा दिए। उसी दौरान एसटीएफ ने उसे अमिता शुक्ला के नाम से फतेहपुर के अलावा बलरामपुर, बुलंदशहर, सिद्धार्थनगर में फर्जी नौकरी करने की जानकारी दी थी। फर्जी अमिता शुक्ला नामक महिलाओं को बहन के अभिलेख कहां से मिले, उसे जानकारी नहीं है।
तनाव में है परिवार
अमिता शुक्ला के दस्तावेजों के आधार पर तीन फर्जी शिक्षक कार्यरत की जानकारी होने के बाद परिवार में तनाव का माहौल है। उन्हें एसटीएफ से हरी झंडी मिल चुकी है, फिर भी रोज मामला सामने आने से तनाव हो जाता है। परिवार के लोगों का कहना है कि दस्तावेज कैसे लीक हो गए। उन्हें कई तरह की चिंता सता रही है।
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