फतेहपुर। राशन कार्डों में पिछले कई महीने से करीब 50 लोगों को जिंदा दिखाए जा रहे हैं, जबकि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसका खुलासा तब हुआ जब आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए उनकी जांच की गई। उनके कार्ड पर परिवार के अन्य सदस्य राशन ले रहे थे। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी जगह अन्य के कार्ड भी नहीं बन सके।
सरकार ने सभी अंत्योदय कार्डधारकों को मुफ्त उपचार दिलाने के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद सभी के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कार्य शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग के काफी तलाश करने के बाद भी 50 कार्ड धारक नहीं मिल सके। इसके अतिरिक्त कुछ कार्ड धारक यहां से बाहर रहने लगे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराने के लिए ऐसे कार्ड धारकों की सूची आपूर्ति विभाग को भेजी है।
परिजन के अंगूठे से दे रहे राशन
अंत्योदय राशन कार्ड धारक को महीने में 14 किलो गेहूं व 21 किलो चावल मिलता है। उस राशन कार्ड में परिवार के जितने सदस्यों के नाम होते हैं, उनमें से कोई भी अंगूठा लगाकर राशन ले जा सकता है। राशन कार्ड धारक की मौत के बाद परिजनों के अंगूठे लगवाकर राशन दिया जा रहा था। कार्ड धारक अकेला होता है तो उसकी मौत पर अंत्योदय के दायरे में आने वाले अन्य परिवार का कार्ड बनाया जाता है।
वर्जन
कार्डधारकों की लगातार जांच कराई जाती है। जनवरी महीने में 13 और फरवरी महीने में आठ अंत्योदय कार्डधारकों की मौत की रिपोर्ट मिली थी, जिनके नाम हटाकर अन्य लाभार्थियों को जोड़ा गया है। - अभय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी