फतेहपुर। सिविल लाइन स्थित मैरिज हाल के एग्रीमेंट की धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे पूर्व खेलकूद मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पूर्व मंत्री समेत परिवार के लोगों के खिलाफ कोर्ट ने हाजिर नहीं होने पर संपत्ति कुर्की का आदेश जारी किया था। आदेश के अनुपालन के लिए कोर्ट ने डीजीपी को भी पत्राचार किया था।
पूर्व खेलकूद मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल और उनके परिजनों का मंगलम मैरिज हाल है। पूर्व मंत्री के बेटे ओमदत्त पाल ने महमूद अहमद को पांच साल की किरायेदारी का 50 लाख में एग्रीमेंट किया था। किन्हीं वजहों से एग्रीमेंट में विवाद हो गया। तब महमूद अहमद ने किरायेदारी से भगाने और एग्रीमेंट तोड़ने के आरोप का कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में पूर्व मंत्री और उनकी पत्नी, भाई राजकुमार, बेटे ओम दत्त पाल, अजय पाल के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।
कोर्ट ने पूर्व मंत्री समेत परिजनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया। वारंट के बाद कुर्की के आदेश दिए थे। पूर्व मंत्री के अधिवक्ता एम तारिक फरीदी ने बताया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट में शरण ली। पक्ष यह रखा कि पूर्व मंत्री के नाम मैरिज हाल ही नहीं है। इन हालातों में वह कैसे आरोपी बनाए गए। मामला सिविल न्यायालय का है। वादी महमूद ने परिवार के पांच आरोपी बनाए, जबकि मैरिज हाल का एग्रीमेंट सिर्फ ओमदत्त पाल से कराया गया। इस तरह से महमूद ने कूटरचना कर मुकदमा दर्ज कराया था। अधिवक्ता के मुताबिक इनके पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया और सीजेएम कोर्ट को अंतरिम जमानत और पुलिस कार्रवाई रोकने के आदेश दिए। सीजेएम कोर्ट के समक्ष पूर्व मंत्री पक्ष सोमवार को प्रस्तुत हुआ। कोर्ट ने सभी को राहत दी।