फतेहपुर। निवर्तमान चेयरमैन प्रतिनिधि और सपा नेता हाजी रजा मोहम्मद को कोर्ट ने सुनवाई के बाद छह माह के लिए जिला बदर किया है। समर्थकों ने पटेल नगर में रजा के पक्ष में नारेबाजी की। इसके बाद गैर जिले के लिए रजा रवाना हुए। रजा ने सत्ता पक्ष पर पालिका चुनाव हारने के डर से कार्रवाई कराए जाने का आरोप लगाया है।
पुलिस की ओर से 16 मार्च को हाजी रजा को गुंडाएक्ट का नोटिस तामील कराया था। पुलिस ने रिपोर्ट में रजा का समाज में भय और आतंक व्याप्त होने की बात कही है। इस मामले में एडीएम न्यायिक धीरेंद्र प्रताप की कोर्ट में हाजी रजा 11 अप्रैल को पेश हुए थे। कोर्ट ने पक्ष रखने के लिए मौका दिया था। प्रकरण में सोमवार को अंतिम सुनवाई की गई। कोर्ट ने प्रकरण में फैसला सुरक्षित किया था।
कोर्ट का मंगलवार को फैसला आया है। फैसले में नोटिस का जवाब अंतिम सुनवाई में न रखने का हवाला दिया गया है। कोर्ट ने रजा को हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर समेत 17 मुकदमे दर्ज होना बताया है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा फैजान रिजवी पर हमले समेत अन्य मुकदमों का जिक्र किया है। गैऊगस्टर से कानून व्यवस्था बिगड़ने खतरा बताते हुए छह माह के लिए जिला बदर किया है।
कोर्ट में रजा को आदेश का तामीला कराया गया। इसके बाद पटेल नगर में समर्थकों के बीच रजा पहुंचे। रजा ने बताया कि सत्ता पक्ष हाजी रजा के विकास कार्यों से डरा है। इसी वजह से चुनाव लड़ने से रोका है। शहर में उनके रहने से समाजवादी पार्टी को फायदा मिलता। इस संदेह पर जिला बदर किया गया है। पुलिस प्रशासन ने उनके समर्थक पांच सैकड़ा परिवार चिन्हित किए हैं।
उन्हें मतदान से रोका जाएगा। पार्टी प्रत्याशी के मतदान की अपील की है। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि जिला बदर का आदेश आ चुका है। छह माह के लिए रजा जिला बदर हैं। जिले में मौजूदगी की सूचना पर धरपकड़ की जाएगी।