अमौली। नशेबाज सिपाही का भाड़ा लेकर तीन दिन से घूम रहे रिक्शा चालक को एसपी धवल जायसवाल ने बुधवार को कार्यालय बुलाया। उसकी पीड़ा को सुना और चालक को तीन दिनों का भाड़ा 2100 रुपये दिया। साथ ही शॉल भेंटकर सम्मानित किया। वहीं सिपाही को निलंबित किया है। सम्मान पाकर रिक्शा चालक भावुक हो गया।
चांदपुर थाना पीआरवी से जहानाबाद थाना की पीआरवी में सिपाही योगेश कुमार का रविवार को स्थानांतरण हुआ था। उसी दिन सिपाही ने अमौली के वीरू के ई-रिक्शा में सामान लादकर जहानाबाद पहुंचाने के लिए कहा। जहानाबाद थाने पहुंचने के बाद वीरू सिपाही का इंतजार करने लगा। वह देर शाम तक इंतजार करता रहा, लेकिन सिपाही न पहुंचा और न उसका किसी ने सामान उतरवाया। वह अमौली चौकी लौटा। चौकी में भी उसका सामान नहीं रखवाया गया। वीरू दो दिन से अमौली चौकी और जहानाबाद के चक्कर काट रहा था। किसी ने रिक्शा चालक का वीडियो बनाकर एक्स पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद मंगलवार शाम अमौली चौकी में सिपाही का सामान रखवाया गया। एसपी ने सिपाही को ड्यूटी नहीं ज्वाइन करने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया। चांदपुर थानाध्यक्ष से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद सिपाही को निलंबित किया है। रिक्शा चालक को कार्यालय बुलाया। रिक्शा चालक की आपबीती सुनने के बाद एसपी ने नुकसान व परिश्रम के लिए 2100 रुपये दिए। साथ ही चालक को शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
चांदपुर प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि सिपाही नशेबाज किस्म का है। रिक्शा चालक को सामान लदवाने के बाद तीन दिन से लापता है।