फतेहपुर। युवती से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व पाक्सो के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार चौरसिया ने आरोपी पिता-पुत्र को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पुत्र को चार साल साल और पिता को एक साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।
घटना ललौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 27 मार्च 2016 में हुई थी। घर से युवती सुबह जंगल जा रही थी। रास्ते में गांव के शिवम ने युवती से दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर युवती को पीटकर कपड़े फाड़ दिए थे। शोर मचाने पर गांव के लोग पहुंचे थे। तभी शिवम जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला था। युवती अपनी मां के साथ आरोपी के घर शिकायत करने पहुंची थी। जहां शिवम के पिता रामबहादुर ने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी देकर मां-बेटी को भगा दिया था।
मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में छह गवाह पेश हुए। कोर्ट ने आरोपी शिवम को चार साल की कैद और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं रामबहादुर को एक साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि देने का आदेश किया है।