फतेहपुर। भारतीय सेना की महिला मेजर कैप्टन शालिनी सिंह ने प्रयागराज मंडल में फौज की पहली महिला अधिकारी बनकर नाम रौशन किया है। वह युवतियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनीं हैं। मेजर कैप्टन अवकाश पर गांव आने पर स्कूल-कालेजों में छात्राओं की क्लास लेती हैं और उन्हें सेना के क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
मेजर कैप्टन शालिनी सिंह धाता क्षेत्र के घरवासीपुर की रहने वाली हैं। इनके पिता रामबाबू सिंह भी सेना में सूबेदार मेजर हैं। मेजर शालिनी सिंह बालिकाओं को सेना में कॅरियर तलाशने के लिए बराबर प्रोत्साहित करती हैं। शालिनी सिंह का कहना है कि महिला और पुरुषों को जब समान अधिकारी हासिल है, तो सेना में महिला क्यों नहीं नौकरी कर सकती हैं। जिले की इस बहादुर बेटी का चयन दो साल पहले एनडीए के तहत थल सेना में कैप्टन के पद पर हुआ है।
बहादुर बेटी का कहना है कि ऊंची सोच, माता पिता, गुरुजनों का सम्मान, लगन, सर्मपण, मेहनत के साथ आगे बढ़ने पर निश्चित ही सेना में नौकरी हासिल की जा सकती है। छात्राएं लगन के साथ एक-एक क्षण को बहुमूल्य समझते हुए पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। प्रतिभावान बालिकाएं सीमित संसाधनों में भी मंजिल पाने का हौसला रखें। सेना की अधिकारी ने क्षेत्रीय छात्राओं को अपना नंबर दे रखा है। जरूरत पड़ने पर वह छात्राओं की समस्या का निराकरण कराती हैं। सामाजिक और शैक्षिक हर तरह की समस्याओं का आसानी के साथ समाधान करती हैं। ऐसे में मेजर कैप्टन शालिनी सिंह क्षेत्र में छात्राओं के बीच प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।