फतेहपुर। उत्तरी गौतम नगर इलाके में अवैध पिस्टल से फायरिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ विवेचना में धाराएं बढ़ी हैं। घटना में प्रयुक्त पिस्टल लेकर फरार चौथे आरोपी का 13 दिन बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है।
मोहल्ला निवासी बबलू मिश्रा पर लेनदेन के विवाद में 27 मई को पड़ोसी वैभव सिंह ने बीजेपी नेत्री के पुत्र लखन सिंह, विवेक सिंह, वात्सल्य तिवारी ने हमला किया था। विवाद के दौरान अवैध पिस्टल से बबलू पर आरोपियों ने फायरिंग की थी। बबलू के मौरंग कारोबारी भाई पप्पू मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर वैभव, लखन सिंह व विवेक सिंह को जेल भेजा था। मौके से पिस्टल लेकर वात्सल्य भाग निकला था।
पुलिस ने हत्या के प्रयास, गाली गलौज, मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक अनुज यादव ने बताया कि विवेचना में धमकी समेत तीन धाराएं बढ़ाईं हैं। फरार आरोपी वात्सल्य की तलाश की जा रही है, पिस्टल उसके ही पास है।
पिस्टल में छिपा असलहा तस्करी का रैकेट
जिले में कई बार युवाओं के पिस्टल व तमंचों के साथ वीडियो, फोटो वायरल हो चुके हैं। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में नाकाम रहती है। उत्तरी गौतम नगर की घटना में भी युवा हमलावरों ने पिस्टल का खुलेआम इस्तेमाल किया है। पुलिस पिस्टल बरामदगी में असफल है। यह पिस्टल भी तस्करों की सप्लाई की बताई जा रही है। नेपाल, मध्यप्रदेश और बिहार के मुंगेर में बनाई जाने वाले पिस्टल पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। पिस्टल बरामदगी से असलहा तस्करों का भी पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।