फतेहपुर। गांवों में ग्राम चौपाल लगाकर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने के अफसरों के दावे शुक्रवार को पड़ताल के दौरान हवा हावई दिखाई दिए। जिले के 13 ब्लॉकों के 24 गांवों में आयोजित ग्राम चौपाल में कहीं अफसर नहीं पहुंचे तो कहीं फरियादी ही नहीं आए।
गांंव की समस्या को गांव में निस्तारण के लिए शासन ने ग्राम चौपालों का आयोजन किया। शुक्रवार को देवमई, खजुहा, अमौली, हसवा, भिटौरा, असोथर, बहुआ, तेलयानी, ऐराया, हथगाम, धाता, विजयीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में चौपाल लगी। वहीं असोथर ब्लॉक के मुत्तौर, बहुआ के बनकटा व पैनाखुर्द के पंचायत भवन से सचिव नदारद रहे और कुछ में ताला लगा मिला। इसकी वजह से शिकायत निस्तारण के लिए पहुंचे ग्रामीण निराश होकर लौट गए है।
फोटो-34- असोथर ब्लॉक के गांव मुत्तौर के पंचायत भवन में लगा ताला। संवाद
सीन-1- असोथर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुत्तौर में ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण के लिए दोपहर दो बजे से पंचायत भवन में चौपाल का आयोजन होना था। दोपहर 2.45 बजे पंचायत भवन में ताला लटका मिला। शिकायत की निस्तारण के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन अक्सर ही बंद रहता है। सचिव राघवेंद्र सिंह नदारद रहते हैं। प्रधान पति चिदानंद शुक्ला ने सफाई में कहा कि हो सकता है चौपाल दूसरे गांव में शिफ्ट कर दी गई हो। पंचायत भवन में पंचायत सहायक की तैनाती नहीं है। इसलिए पंचायत भवन बंद होगा।
फोटो-35-पैनाखुर्द ग्राम पंचायत भवन का बंद ताला। संवाद
सीन-2-बहुआ ब्लॉक के गांव पैनाखुर्द स्थित पंचायत भवन में दोपहर दो बजे ग्राम चौपाल का आयोजन होना था। लेकिन दोपहर तीन बजे पंचायत भवन में ताला लगा मिला। वहां बैठे लोगों ने बताया कि पंचायत भवन खुलने की कोई समय सीमा नहीं है। इसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोटो-36-पंचायत भवन में बैठी सहायक। संवाद
सीन-3 - बहुआ ब्लॉक के गांव बनकटा में सुबह 11 बजे ग्राम चौपाल का आयोजन होना था। लेकिन पंचायत भवन में 12 बजे सहायक आरती देवी ही मिली। उनसे पूछने पर कोई जानकारी न होना बताया। जबकि सचिव सतेंद्र कुमार की तैनाती है।
कोट्स
किसी कारणवश पंचायत भवन में चौपाल का आयोजन नहीं हुआ होगा। जिन ग्राम पंचायतों में चौपालों का आयोजन नहीं हुआ। सभी पंचायत भवन में दोबारा चौपाल आयोजन की जाएंगी।
प्रमोद सिंह चंद्रौल, जिला विकास अधिकारी, फतेहपुर