औंग। पौराणिक पहाड़ी का हाल देखने एसडीएम बिंदकी अर्चना अग्निहोत्री खनिज अधिकारी के साथ पहुंचीं। एसडीएम ने पौराणिक स्थल की दुर्दशा देखकर खनन अधिकारी बिपेंद्र कुमार राजभर को फटकारा। कहा कि खनन में कुछ तो गड़बड़ हुआ है।
अमर उजाला ने खनन माफिया ने मिटा दिया पौराणिक पहाड़ी का स्वरूप शीर्षक से बुधवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसे संज्ञान लेकर डीएम सी इंदुमती ने एसडीएम बिंदकी और खनन अधिकारी को आशापुर गांव भेजा। छिन्न-भिन्न पहाड़ी, 30 से 40 फीट गहराई से खनन कर, नष्ट किए गए पशु पक्षियों के घोंसले और आशियाने देख कर एसडीएम का पारा चढ़ गया।
अवशेष पहाड़ी पर खड़े पेड़ पौधों को देखकर एसडीएम ने पर्यावरण को खनन से क्षति पहुंचाने की बात मानी। एसडीएम ने खनन में अनियमितता का ठीकरा खनिज अधिकारी पर फोड़ा। खनिज अधिकारी खनन माफिया को बचाने के प्रयास में रहे। खनिज अधिकारी ने खनन की अनुमति 3200 घन मीटर क्षेत्र में ही माना। ऊंचाई के जवाब में अगली बगली झांकने लगे। चार फीट की जगह 40 फीट गहराई से खनन को लेकर जवाब नहीं दे पाए। उप जिलाधिकारी ने बताया मौका मुआयना की रिपोर्ट जिला अधिकारी को सौपेंगी।
जुर्माना का खेल नोटिस तक सीमित
एनजीटी के संज्ञान लेने पर जुर्माना का खेल सिर्फ नोटिस तक सीमित रहा है। खनिज अधिकारी ने पट्टा धारक पर अनियमितता को लेकर 50 हजार का जुर्माना किया था। लेकिन एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में जुर्माने का जिक्र नहीं है । इसे षड्यंत्र मानकर यूपीपीसीबी (उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के सचिव पर 10 हजार का जुर्माना किया गया है। अभी तक खनन माफिया पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।