हसवा। अभिलेखीय जांच के नाम पर हो रही वसूली पर ग्राम प्रधानों ने ब्लाक प्रमुख से मिलकर विरोध जताया। कहा कि सोशल आडिट होने के बाद दोबारा उसी का आडिट करना न्यायसंगत नहीं है। प्रधानों ने ब्लाक प्रमुख विकास पासवान को ज्ञापन दिया।
ग्राम पंचायत क्षेत्र व सहकारिता के लिए लेखा परीक्षक आडिट करते हैं। प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष नितिन शुक्ला ने कहा कि जब सोशल आडिट हो चुका है, तो उसी कार्य का दोबारा आडिट नहीं होना चाहिए। मनरेगा में समस्त भुगतान के श्रमांश एवं सामग्री का भुगतान विकास खंड स्तर से किया जाता है। आय व्यय का विवरण मनरेगा पोर्टल पर दर्ज है। अब आडिट टीम प्रति ग्राम पंचायत वसूली पर अड़ी है। इसका ग्राम प्रधानों विरोध करते हैं। ब्लाक प्रमुख ने बताया कि इसकी शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी। एक काम का बार बार आडिट करना प्रधानों का शोषण है। ब्लाक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि तिथि निश्चित करके केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिला जाएगा। इस मौके पर अनूप यादव, बलवीर सिंह, प्रदीप सिंह, श्रवण कुमार, हरिश्चंद्र एडवोकेट, दीपक, कैलाश शिवहरे आदि मौजूद रहे।
......इनसेट:-
दो माह पहले हो चुका राज्य वित्त का आडिट
- इससे पहले राज्य वित्त व पंद्रहवां वित्त का आडिट हो चुका है। इसमें आय व्यय का ब्योरा व अभिलेखीय सत्यापन कराया जा चुका है। इसमें भी प्रधानों को धनराशि देनी पड़ी थी। तीन माह पहले मनरेगा डीडीओ के निर्देश में पांच सदस्यीय टीम ने भौतिक एवं स्थलीय सत्यपान कर अभिलेख चेक किए थे। इसी बात को लेकर प्रधानों में नाराजगी है।
......... बयान:-
- उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आडिट टीम अभिलेखीय परीक्षण कर रही है। वसूली की बात सामने आएगी तो इसकी जांच कराई जाएगी। प्रमोद चंद्रौल, डीडीओ
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