संवाद न्यूज एजेंसी
चौडगरा। विदेशों से पाउडर का निर्यात बंद होने से दूध के दाम भी घटे हैं। इससे किसान परेशान हैं। किसानों को दूध में लागत के हिसाब से पैसा नहीं मिल रहा। पराग को जनपद में हर रोज तीन हजार लीटर दूध मिल रहा है।
जनपद में दूध की क्रांति लाने वाली पराग डेयरी अब बहुत ही खराब दशा से गुजर रही है। पराग डेयरी में मौजूदा समय में 85 डेयरियों के माध्यम से जिले से 3000 लीटर दूध प्रतिदिन आ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा 2700 लीटर दूध धाता क्षेत्र से आ रहा। चौडगरा क्षेत्र का मात्र 300 लीटर ही दूध बचा है। तीन महीने से पेमेंट समय पर नहीं मिल रही है। समय से पैसा नहीं मिलने से किसान पराग डेयरी से दूरी बनाए हैं। पराग मौजूदा समय में 46 रुपये लीटर दूध किसानों से खरीद रही है।
मुख्यमंत्री की पहल पर जिले के ब्लाकों में जिन गांवों में अभी तक पराग डेयरी नहीं खुली हैं। वहां पर नंदबाबा दुग्ध मिशन के तहत साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी, गिरी, थारपारकर प्रजाति की गाएं जो दस लीटर दूध देंगी, उन किसानों को साल में एक बार दस हजार की प्रोत्साहन राशि किसान को दी जाएगी। पराग में कर्मचारियों की कमी से केवल दो राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक से काम चलाया जा रहा है।
मां वैष्णो डेयरी के प्रबंधक राजेश मिश्र ने बताया कि विदेशों में दूध पाउडर का निर्यात बंद होने के कारण देश की नामी कंपनियों का पाउडर डंप हो गया है। इससे रेट कम कर दिए गए हैं। इनका स्थानीय बाजार पर प्रभाव पड़ा है। प्राइवेट डेयरियां इस समय 45 रुपये प्रति लीटर का दूध खरीद रही हैं। पराग डेयरी के स्थानीय प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि बाजार में दूध की आवक बढ़ने से रेट कम हुए हैं। क्योंकि इस समय खपत कम है।