तिर्वा। तिर्वा के सुभाषनगर स्थित तालाब को भू-माफिया के कब्जे से छुड़ाने के बाद अब उसकी पैमाइश की जाएगी। तालाब का रकबा 40 बीघा है। उसमें कमी मिलने पर आसपास बने मकानों पर आफत आ सकती है, इससे भू-माफिया में हड़कंप मचा है।
दरअसल शुक्रवार को एसडीएम न्यायालय में 15 साल से चल रहे तालाब की जमीन के दस्तावेज में दर्ज नाम के खिलाफ मुकदमे में सुनवाई करते हुए एसडीएम उमा कांत तिवारी ने तालाब की जमीन के दस्तावेजों में फर्जी तरीके से दर्ज नाम को खारिज कर दिया था। दस्तावेज में तालाब दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। न्यायालय के आदेश से भू-कारोबारियों के बीच खलबली मच गई है।
एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि सोमवार को राजस्व टीम तालाब के 40 बीघे रकबे की पैमाइश कर चिन्हित करेगी। जल्द ही तालाब के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रय व विक्रेता के खिलाफ तालाब की जमीन बिक्री व खरीद पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।