फतेहपुर। एफसीआई के सेवानिवृत्त कर्मी हत्याकांड का राज जानने के लिए पुलिस ने गायब मोबाइल की सीडीआर खंगालनी शुरू कर दी है। सर्विलांस टीम घटनास्थल की लोकेशन में चलने वाले मोबाइल नंबरों की जांच में जुटी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस मामला आशनाई और जमीन विवाद से जुड़ा मान रही है। कुछ संदिग्धों की पुलिस ने उठाया है। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद शव का नलकूप में ही अंतिम संस्कार किया है।
थरियांव थाना क्षेत्र के मवईया गांव निवासी एफसीआई विभाग के सेवानिवृत्त छत्रपाल पासवान (65) तलकापुर स्थित घर में रहते थे। जहां उनकी शुक्रवार रात कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे श्यामबाबू की ओर से तलकापुर गांव की दो महिलाओं समेत चार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के बाद से गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात है। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल गायब था। पुलिस को मोबाइल से हत्या के कई राज सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस को फिंगर प्रिंट की रिपोर्ट का भी इंतजार है। हत्या के बाद कर्मी के जेवरात भी उतारे गए हैं। कुल्हाड़ी में भी कातिलों के फिंगर प्रिंट मिलने की उम्मीद है। सर्विलांस टीम ने घटनास्थल की जांच की है। घटना के समय चलने वाले मोबाइल नंबरों की छानबीन की जा रही है। थाने के महिला पुलिस कर्मियों की टीम भी गांव में महिलाओं से पूछताछ को पहुंची है। गांव की कई महिलाओं के बयान टीम ने लिए हैं।
मृतक के बेटे ने पिता के दो करीबियों पर हत्या का राज जानने की आशंका जताई है। पुलिस को खोजबीन में दोनों करीबी गांव में ही मिले। उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। पुलिस की पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मी ने गांव में कई जमीन का सौदा किया था। कई लोगों से लेनदेन था। वह लोगों को रुपये भी उधार देते थे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि गांव में कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। प्रारंभिक जांच में मामला आशनाई और जमीन विवाद के चलते सामने आ रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है।