सिर पर चोट किसी हथियार से पहुंचाई गई, लेकिन विवेचक ने आलाकत्ल भी बरामद नहीं किया। गवाहों ने पुलिस के बयानों का समर्थन नहीं किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने कामता लोधी को हत्या के आरोप से बरी किया है। करीब साढ़े चार साल तक कामता जेल में रहा है। विवेचना तत्कालीन हथगाम थानेदार अवधेश मिश्रा ने की थी।