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फतेहपुर: खटारा बसों में जान जोखिम में डालकर सफर करते यात्री

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फतेहपुर। सुरक्षित यातायात को लेकर जहां शासन गंभीर हो गया है वहीं, जिले में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर परिवहन निगम खटारा बसों से यात्रियों को ढो रहा है। विभाग के बेड़े में शामिल 112 में 25 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं। कई अन्य बसें भी निर्धारित औसतन 11 लाख किमी का सफर पूरा करने वाली हैं।
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फतेहपुर डिपो में 112 बसें हैं। इनमें 89 निगम की और 23 अनुबंधित हैं। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से बस की वैधता 10 साल व 11 लाख किमी तक की होती है। इसके बाद बस को कंडम घोषित कर दिया जाता है। फिर उसकी नीलामी कर दी जाती है। इस श्रेणी में विभाग की 25 बसें पहुंच गई हैं। अब इन कंडम बसों की नीलामी की जानी है।
उधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय उप महामंत्री डीएस बाजपेई ने बताया कि कार्यालय में लिपिकों की कमी के कारण काम प्रभावित होता है। आरएम कानपुर को पत्र भेजा गया है, जिसमें नौ लिपिकों की जिले में तैनाती कराने की मांग की गई है।
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नई 25 बसों की मांग
फतेहपुर। शासन से 25 नई बसों की डिमांड की गई है। जब तक नई बसें नहीं आ जाती हैं, तब तक कंडम बसों से ही सफर कराया जा रहा है। इनमें ज्यादातर के शीशे टूटे हैं तो इंजन भी कई दफा दगा दे रहे हैं। इन्हें दूर के रूटों पर नहीं भेजा जा रहा है। फिर भी यात्रियों को लेकर दौड़ रहीं ये बसें असुरक्षित हैं और कभी भी हादसे का सबब बन सकती हैं। (संवाद)
56 परिचालकों की कमी
फतेहपुर। रोडवेज में 56 परिचालकों की कमी है। नौ बस चालक भी निर्धारित संख्या से कम है। डिपो में वर्तमान में 34 नियमित तो 148 संविदा चालक कार्यरत है। 37 नियमित परिचालक तो 151 संविदा पर कार्य कर रहे हैं। चालक व परिचालक की कमी से विभाग परेशान है। कई बार बसें खड़ी करनी पड़ जाती है। (संवाद)
वर्जन
- चालक व परिचालक की कमी को संविदा भर्ती कर पूरी की जा रही है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही परिचालकों की भर्ती हो जाएगी। नई बसों की डिमांड की गई है, उनके आने के बाद कंडम बसों की नीलामी कराने की कार्रवाई की जाएगी। - दयाशंकर सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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