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Fatehpur News: पर्चा, लाउडस्पीकर हुआ पुराना, व्हाट्एप व रील पर चुनाव प्रचार

Fri, 05 Apr 2024 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
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फतेहपुर। डिजिटल इंडिया के साथ चुनाव प्रचार में भी डिजिटल हो गया है। बिल्ला, पर्चा और लाउडस्पीकर से होने वाला चुनाव प्रचार पर अब सोशल मीडिया ने पूरा कब्जा कर लिया है। पार्टी और प्रत्याशी व्हाट्सएप, रील, इंस्टा, फेसबुक के साथ अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं। प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया हैंडल करने के लिए एक आईटी टीम ही गठित कर रखी है।
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लोकतंत्र के महापर्व ने सोशल मीडिया की दुनिया में भी रौनक ला दी है। बिल्ला, पर्चा और लाउडस्पीकर से प्रचार अब हांसिए पर है। पार्टी और प्रत्याशियों के प्रचार की कमान अब सोशल मीडिया ग्रुप ऑपरेट करने वाले के हाथों में पहुंच गई है। पार्टियों की नजर में इस प्लेटफार्म पर कई ऐसी शख्सियतें हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है।
अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं। एक ही क्लिक से प्रत्याशी की बात मतदाताओं के घर तक पहुंच जा रही है। इनकी रील्स, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है।
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इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसकी कीमत भी मिल रही है। इनकी फाॅलोइंग के हिसाब से हर पोस्ट के लिए पांच से दस हजार तक के प्रस्ताव हैं। कई मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक भी दिए जा रहे हैं। पार्टियां इस तरह के बड़े इन्फ्लूएंसर पर भी नजर रख रही हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए यू-ट्यूब समेत सोशल मीडिया प्लेटफार्म बड़ा बाजार बनकर उभरा है। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या वार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। माध्यम के तौर पर इन्फ्लूएंसर की पहचान की जा रही है। इसके लिए प्रत्याशी ने भी बाकायदा एक टीम का गठन किया गया है। वर्चुअल वार रूम के सहारे मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है।
व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पसंदीदा प्लेटफॉर्म
प्रत्याशी ऐसे सोशल मीडिया मंच को चुनती हैं, जो बिना ज्यादा पाबंदियों के तेजी से जनता से जोड़ने में मदद करते हैं। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे कई मंच हैं, जो जनता के एक खास वर्ग की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
मोबाइल के इनबॉक्स में आ रहे मैसेज
चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशी अपने आईटी सेल के जरिए लोगों तक मैसेज पहुंचा रहे हैं। यही नहीं आईटी सेल के लड़के फोन कॉल के माध्यम से लोगों को प्रत्याशियों का संदेश दे रहे हैं । वह चुनाव में जीतने की अपील भी कर रहे हैं । एक समय था जब लोग मोबाइल से दूर रहते थे। प्रत्याशी भी जान चुके हैं कि आज हर हाथ में मोबाइल है और इसका उपयोग चुनावी रणनीति में भी कर रहे हैं । पर्चा लाउडस्पीकर वह अन्य संसाधनों को किनारे कर लोग मोबाइल को अपना हथियार बना रहे हैं
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