फोटो-10- डीजीपी प्रशांत कुमार की बावर्दी डीपी में फोटो के दुरुपयोग पर जारी अलर्ट मैसेज। (स्रोस: पुलिस प्रशासन)
फोटो11- कोतवाली में वर्चुअल कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री व अन्य। (स्रोस: पुलिस प्रशासन)
हाईवे के छह थानों में प्रसाधन कक्ष की सौगात
- साइबर थाना शुरू, सीएम ने वर्चुअल शुभारंभ व शिलान्यास किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में शहर के चांदमारी जयरामनगर में खुले पहले साइबर थाने का सीएम ने वर्चुअली लोकार्पण किया। इससे बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। वहीं, हाईवे के छह थानों पर मेडिकल सेंटर और महिलाओं के लिए प्रसाधन कक्ष निर्माण का शिलान्यास किया। प्रसाधन कक्ष हाईवे पर आने-जाने वाली महिलाओं के लिए अहम होगा।
सदर कोतवाली व सभी थानों में कार्यक्रम का प्रसारण हुआ। कोतवाली में केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, एसपी उदय शंकर, एएसपी विजय शंकर मिश्र समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साइबर थाना बनाए जाने की दो साल पहले सीएम ने घोषणा की थी। 21 थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क का भी शुभारंभ किया गया। प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कमर खान ने लोगों को साइबर अपराध के बारे में प्रशिक्षण देकर जागरूक किया।
एसपी ने बताया कि कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर औंग थाना, कल्यानपुर, मलवां, सदर कोतवाली थरियांव, खागा कोतवाली में मेडिकल कक्ष और प्रसाधन कक्ष का शिलान्यास हुआ है। इन थानों पर 24 घंटे दोनों सुविधाएं लोगों को मिल सकेंगी। मेडिकल कक्ष में घायलों को प्राथमिक इलाज प्राप्त होगा। थानों मेंप्रसाधन कक्ष होने से महिलाओं को सहूलियत मिलेगी।
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लालच में न फंसे, फ्राड के तरीके जानें-प्रभारी निरीक्षक
साइबर अपराधी अधिकांश लोगों को प्रलोभन देकर ही धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं। साइबर अपराधों से बचने के लिए अंजान व्यक्ति को ओटीपी, डेबिट कार्ड/केडिट कार्ड की जानकारी व यूजर आईडी पासवर्ड शेयर न करें। वह चाहें बैंक कर्मी हो या ट्रेजरी आफिसर अन्य अधिकारी बनकर परिचय देते हैं। बातों में उलझाकर रिमोट एक्सेस एप, क्विक सपोर्ट, एनीडेस्क मोबाइल में डाउनलोड कराने के बाद मोबाइल हैक करते हैं। विभिन्न माध्यम एसएमएस, ईमेल, व्हाट्सएप मैसेज पर आने वाले लिंक किसी के कहने पर न खोलें। किसी भी कंपनी का गूगल पर खोजा कस्टमर केयर नंबर का प्रयोग न करें। नंबर के लिए कंपनी के प्रपत्र व अधिकारिक वेबसाइटों के नंबर का प्रयोग करें। एटीएम मशीन में स्कैनर व अतिरिक्त कोई कैमरा लगा हो तो उसे चेक करें। मोबाइल किसी अंजान को न दें। सरकारी आवास योजनाओं का लाभार्थी बताकर कोई रुपये मांगे तो न दें। दोस्त, रिश्तेदार बनकर रुपये भेजने का मैसेज, लिंक कोई भेजता है तो उसे न खोलें।