फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehpur News: एक हफ्ते बुखार तो दो हफ्ते परेशान कर रही खांसी

Wed, 15 Mar 2023 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। प्रदेश में एच-3, एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में इस संक्रमण के मरीजों की भले ही पुष्टि न हुई हो, लेकिन अस्पताल आ रहे मरीजों में इस वायरस के जैसे ही लक्षण मिल रहे हैं। मरीजों को एक सप्ताह तक बुखार व दो सप्ताह खांसी परेशान कर रही है। जिला अस्पताल में सोमवार को इस तरह के 850 से अधिक मरीज पहुंचे। अस्पताल में हर तरफ भीड़ लगी रही।
विज्ञापन

होली के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की अचानक भीड़ बढ़ गई है। इसमें सर्वाधिक मरीज बुखार, खांसी व जुकाम के आ रहे है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक 1445 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इन मरीजों में 850 ऐसे मरीज थे, जिन्हें तेज बुखार व खांसी आ रही थी। मरीज राजेश ने बताया कि खांसी इतनी अधिक है कि उल्टी तक हो जाती है। गले में खरास हो रही है। इससे बोलने में भी दिक्कत हो रही है।
फिजीशियन कक्ष में मरीजों की लाइनें लगी हुई थीं। फिजीशियन डॉ. एनके सक्सेना, डॉ. पवन बाजपेई समेत अन्य कक्षों में मरीज लाइन लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय सर्वाधिक इन बीमारियों के ही मरीज आ रहे हैं।
विज्ञापन

यह हैं लक्षण, अधिक खांसी आने पर कराएं एक्सरे
सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने बताया एच-3, एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस का जिले में अभी कोई मामला नहीं है। इस वायरस में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश होती है। अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीजों में यह लक्षण मिल रहे हैं। इसमें मरीजों का बुखार तो जल्द ठीक हो जाता है, लेकिन खांसी में दो सप्ताह का समय लग रहा है। बताया कि इस वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका कोविड प्रोटोकॉल ही है। अगर हम मॉस्क लगाएंगे और बार-बार हाथ धोकर लोगों से दूरी बनाए रखेंगे तो इस वायरस से निपट सकते हैं। इसलिए कोशिश करें प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। अगर खांसते हैं तो उसका वायरस दूसरे तक पहुंच जाता है। यह गले से अंदर तक आ जाता है। इसलिए दूरी बहुत जरूरी है। इस तरह की खांसी सामान्य दवाओं से ठीक नहीं हो रही है। इसके लिए एक्सरे कराना जरूरी होता है। एक्सरे से खांसी के लक्षण पता चल जाते हैं। उसके बाद इलाज करने से मरीज आसानी से ठीक हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें