औंग। थाना क्षेत्र के गलाथा गांव के बेरीनारी में रविवार को बच्चों के आग लगाकर खेलने के चक्कर में चार घर जलकर राख हो गए। करीब एक लाख की नकदी, खाने-पीने समेत गृहस्थी का सामान जल गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गांव के रामप्रकाश उर्फ कुर्की के छप्पर में आग लगने के बाद विकराल हो गई। रामप्रकाश के साथ पड़ोसी हरबंस, मन्नी और झंडू के घर को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग की खबर पर परिवार खेत से भागकर घर पहुंचा। किसी तरह आग पर काबू पाया। झंडू ने बताया कि खेत बटाई में लेने को 80 हजार रुपये घर में रखे थे। रुपये व गृहस्थी का सामान, जेवरात जलकर राख हो गए हैं। मन्नी की गेहूं की फसल बेचने का 20 हजार रुपया और गृहस्थी जली है। रामप्रकाश की भी गृहस्थी जली है। आग लगने के समय परिवार खेत में भूसा ढोने और मवेशियों को चराने गए थे। घरों के बच्चे पॉलिथीन जलाकर खेल रहे थे। इसी दौरान छप्पर में आग लगना बताया जा रहा है।
खखरेरू। थाना क्षेत्र के शेखपुर गांव में पशुबाड़े में आग लगने से छह बकराें की मौत हो गई। चार किसानों का भूसा जलकर राख हो गया। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। गांव के नन्हू रैदास ने बताया कि करीब दोपहर 11 बजे पशुबाड़े में अचानक आग लग गई। तेज हवा से आग विकराल हो गई। पशुबाड़े में बंधे बकरे, भूसा, छप्पर, लकड़ी जल गई। इसी पशुबाड़े में संतोष, कौशल, रमेश, छविनाथ का भूसा भी जलकर राख हो गया। करीब 60 हजार का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने दमकल को खबर दी। दमकल मौके पर नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस मौके पर पहुंची।
असोथर। थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव के गजी का डेरा में रविवार दोपहर दो बजे दो घरों में आग लगने से नकदी, जेवरात व गृहस्थी जलकर राख हो गई। उस समय घर के लोग मवेशी चराने जंगल गए थे। गांव के पीड़ित श्रीचंद ने बताया कि उन लोगों के आने तक सबकुछ जलकर बर्बाद हो चुका था। उसकी एक क्विंटल लाही, 50 किलो चना, 50 किलो गेहूं, अरहर, पांच हजार रुपये, सोने, चांदी के आभूषणों में कमर करधनी, पायल, सोने का मंगलसूत्र, सोने का माला जल गए। इनके पड़ोसी शिवनारायण निषाद का छप्पर व दरवाजा जला है। दमकल की मदद से आग बुझाई जा सकी।