फतेहपुर। रक्षाबंधन के दिन शहर ही नहीं, पूरे जिले की बाजारों में रौनक रही। जिले में तीन हजार से ज्यादा राखी और दो हजार से ज्यादा मिठाइयों की छोटी बड़ी दुकानें लगीं। पिछले तीन-चार दिनों में राखी और मिठाइयों का व्यापार भी करोड़ों में हुआ।
चौक बाजार के व्यापारी शिवम गुप्ता के मुताबिक शहर में राखी की तकरीबन 10 बड़ी दुकानें हैं। वहीं जिलेभर में 250 से 300 बड़ी दुकानें लगीं। प्रत्येक दुकान का व्यापार तकरीबन 30 से 40 हजार रुपये के बीच रहा। इनके अलावा शहर में तकरीबन 500 और जिलेभर में तकरीबन 3000 छोटी दुकानें लगीं। इनका व्यापार लगभग 10 हजार रुपये रहा। इस तरह जिलेभर में राखी का व्यापार चार से पांच करोड़ का हुआ। इस बार महंगी राखी पिछले साल की अपेक्षा कम बिकी। ग्राहकों ने सस्ती राखियां ज्यादा खरीदीं। 10 से लेकर 50 रुपये तक की राखी की खरीदारी ज्यादा हुई।
दो हजार से ज्यादा मिठाई की दुकानें
मिष्ठान भंडार के मालिक संतोष गुप्ता ने बताया कि शहर में तकरीबन 20 और जिलेभर में 200 बड़ी दुकानें लगीं। इनका प्रति दुकान व्यापार लगभग 5 लाख रुपए रहा। इनके अलावा शहर में तकरीबन 400 और जिलेभर में दो हजार छोटी दुकानें लगीं। इनका व्यापार प्रति दुकान लगभग 50 हजार से एक लाख रुपए के बीच रहा। इस तरह जिलेभर में मिठाई का लगभग 15 से 18 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ।
सबसे ज्यादा बिका छेना
संतोष गुप्ता ने बताया कि छेना, बर्फी, काजू की गुझिया, काजू की जलेबी और सोहन पापड़ी समेत कई तरह की मिठाइयों की बिक्री हुई। इनमें सबसे ज्यादा छेना बिका। इसके बाद मेवा बाइट, मेवा चिक्की, मक्खन की जलेबी, काजू की जलेबी, काजू की गुझिया, देशी घी की सोहन पापड़ी और घेवर भी खूब बिका। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के मुकाबले दीपावली में मिठाई ज्यादा बिकती है। उस दौरान दोगुना व्यापार होता है।