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Fatehpur News: पुलिस व प्रशासन से कदम-कदम पर चूक... माफिया ने उठाया फायदा

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फोटो28- गांव मीरमऊ में मौजूद बुलडोजर और पीएसी। संवाद
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फोटो 30- गेट तोड़ते मजदूर । संवाद
फोटो 31- किसान नेता से बातचीत करतीं नायब तहसीलदार रचना यादव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। संपत्ति कुर्क के कुछ माह बाद उसी जमीन पर 2.99 लाख रुपये का बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन कराया गया। लोन के लिए कागजातों की पड़ताल पहले राजस्व स्तर पर की जाती है। इसके बाद ही बैंक लोन करती है। यहां सारे नियम कानून ताक पर रखे गए। माफिया की पत्नी के नाम कुर्क संपत्ति पर लोन कर दिया गया।
बिंदकी तहसील प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई 19 मई को की गई थी। संपत्ति को कब्जे में लेकर प्रशासन का बाकायदा बोर्ड लगाया गया था लेकिन, इस कार्रवाई को राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं कराया गया और न ही खतौनी से सरकारी जमीन का हिस्सा काटकर अलग नहीं किया गया। इससे अभिलेखों की खामियों के चलते बुलडोजर की कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई।
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इसका पूरा फायदा माफिया ने उठाया। माफिया ने जिला पंचायत सदस्य पत्नी मंजू सिंह के नाम बैंक ऑफ बड़ौदा की कोटिया शाखा से दो नवंबर 2022 को लोन स्वीकृत कराया। बैंक अधिकारियों ने बगैर जांच के भूमि पर लोन खतौनी के आधार पर कर दिया। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रही।
पुलिस के हल्का दरोगा ओर बीट सिपाही माफिया की निगरानी में फेल नजर आए। संपत्ति से प्रशासन का बोर्ड उखाड़ कर फेंंक दिया गया और पुलिस पूरे मामले से अंजान बनी रही। थानाध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि मामला पहले का है। हल्का दरोगा बदल गए हैं। इसी वजह से उनके संज्ञान में मामला नहीं आया होगा।
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इनसेट
पहले यह संपत्ति हुई थी कुर्क
मीरमऊ गांव में 19 मई 2022 को मंजू देवी और माफिया राकेश सिंह की संपत्ति पर कार्रवाई की गई थी। मंजू सिंह के नाम दो जगह आठ-आठ बिसवा 50 लाख कीमत की जमीन कुर्क की गई थी। इसके साथ ही माफिया राकेश सिंह की इनोवा 17 लाख 85 हजार, बैंक खाते में 36 हजार 358 रुपये पर भी जब्ती की कार्रवाई हुई थी। इस तरह से कुल 68 लाख 21 हजार 348 रुपये की संपत्ति कुर्क हुई थी। दोबारा मंजू देवी के नाम जमीन शनिवार को कुर्क की गई। इस संपत्ति की कार्रवाई में मौके पर तहसीलदार सर्वेश कुमार, नायब तहसीलदार रचना यादव, क्षेत्रीय लेखपाल विमल कुमार समेत तहसील के कानूनगो और अन्य राजस्व कर्मी, मलवां थानाध्यक्ष आलोक पांडेय, बिंदकी, कल्यानपुर, औंग थाने का फोर्स, एक प्लाटून पीएसी मौजूद रही।

जमीन की रिसीवर एसडीएम, पुलिस को जिम्मेदारी
मई माह में जमीन डीएम के आदेश पर कुर्क की गई थी। इस जमीन का रिसीवर एसडीएम को नियुक्त किया गया था। वहीं पुलिस को जमीन की सुरक्षा के लिए की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की चूक सामने में आई। माफिया ने कुर्क जमीन पर दोबारा दीवार खड़ी कर दी। इसकी भनक तक नहीं लगी। एक शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर प्रशासन की नींद टूटी।

कोट्स
निर्माण गिरवाया गया है। कुछ रिहायशी हिस्से का निर्माण बाकी है। उसे भी जल्द गिरवाया जाएगा। करीब 48 हजार की गेहूं की फसल काटी गई है। फसल की रकम वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। बैंक से भी लोन के संबंध में पत्राचार किया गया है। बैंक आरोपी पर एफआईआर कराए और लोन की वसूली करें। गैंगस्टर के तहत पिछली कार्रवाई हुई थी। कार्रवाई अभिलेखों में दर्ज नहीं थी। इसका फायदा आरोपियों ने उठाया है। अब खतौनी में संपत्ति कुर्क की कार्रवाई दर्ज कराई जा रही है। पुलिस को भी कुर्की आदेशों का अनुपालन नहीं करने के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पत्राचार किया है। अंजू वर्मा- एसडीएम-बिंदकी
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इनसेट
नकली शराब कारोबार से बुलंदियों तक पहुंचा राकेश
नकली शराब कारोबार से राकेश सिंह और उसके भाई बुलंदियों तक पहुंचे है। करीब 2005 से 2016 तक राकेश सिंह का शराब कारोबार फला फूला। मलवां थाना की पुलिस और माफिया के गठजोड़ का भी खुलासा हुआ था। गैंग का नेटवर्क लखनऊ, कानपुर, बांदा समेत कई जिलों में फैला हुआ था। कानपुर महाराजपुर, मलवां समेत कई थानों में माफिया के तस्करी में पकड़े गए लग्जरी वाहन कबाड़ हो रहे हैं। नकली शराब कारोबार के माफिया पर करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे में दर्ज हैं। इसमें छह मुकदमे मलवां थाने के शामिल हैं।
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