फोटो-34-पत्थरकटा बाजार में पिचकारियों की खरीदारी करते लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। होली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही रंगोत्सव का उल्लास भी बढ़ता जा रहा है। शहर समेत आस-पास के बाजारों में रंगों और खानपान की दुकानें सजने लगी हैं। खरीदारों की भीड़ भी बाजारों में पहुंचना शुरू हो गई है। बच्चे रंग-बिरंगी पिचकारियों को खरीद रहे हैं। वहीं महिलाएं चिप्स-पापड़, गुझिया और अन्य खाने-पीने की सामग्री बनाने के लिए सामानों की खरीदारी कर रही हैं।
शहर के चौक, हरिहरगंज, पत्थरकटा, राधानगर, वर्मा चौराहा समेत हर बाजार में होली के सामानों की दुकानें सज गई हैं। इस बार पीठ में बांधने और बंदूक वाली पिचकारी बच्चों को ज्यादा भा रही है। बाजार में 25 रुपये से लेकर सौ रुपये तक की पिचकारी मिल रही है। वहीं कई पिचकारियों के दाम दो सौ रुपये से भी अधिक हैं।
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युवाओं में हर्बल रंग पहली पसंद
सिविल लाइंस निवासी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि इस बार युवा हर्बल रंग, गुलाल को वरीयता दे रहे हैं। मांग को देखते हुए हर्बल रंग भी कई वैरायटी के मिल रहे हैं। सुगंधित हर्बल रंग पहली पसंद है। अधिकांश दुकानों पर चीन निर्मित सामान नहीं देखने को मिल रहा है।
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मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई
पर्व नजदीक आते ही मिलावटी खाद्य पदार्थों का धंधा भी बढ़ जाता है। शहर सहित सभी छोटी-बड़ी बाजारों में दूध, खोया, पनीर, छेना व इससे निर्मित मिठाइयों की दुकानें सजने लगीं है। दुकानदार अधिक लाभ के लिए मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए खाद्य विभाग ने अभियान भी छेड़ रखा है। इसी क्रम में गुरुवार को अभियान चलाते हुए 5 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। वहीं 12 हजार रुपये कीमत की दो क्विंटल कचरी हानिकारक पाए जाने पर नष्ट कराई गई। इसके साथ ही 14 लीटर सरसों तेल को सीज किया गया।