फतेहपुर। उद्योग विभाग के आठ औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों को रिक्त कर नए उद्यमियों को देने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन इन भूखंडों के रेट आसमान पर हैं। बिजली, पानी, सड़क समेत अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं हैं। भूखंड वीरान हो चुके हैं। ऐसे में इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यम लगाने के लिए उद्यमियों का लुभाना आसान नहीं होगा।
उद्योग विभाग ने 8 औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटन शुरू किया। इन भूखंडों का आकार 92.90 वर्ग मीटर से 102 वर्ग मीटर है। वर्ष 2013 तक इन भूखंडों की कीमत 90 से 105 रुपये वर्ग मीटर थी। इस तरह से एक भूखंड की कीमत लगभग 9 हजार 754 रुपये थी। वर्ष 2014 में भूखंडों के रेट रिवाइज हुए और जमीन के रेट अचानक आसमान छूने लगे। औद्योगिक क्षेत्र सधुवापुर का रेट 3680 रुपये वर्ग मीटर तय हुआ।
इस हिसाब से अब एक भूखंड की कीमत 3 लाख 41 हजार 872 रुपये हो गई है। ये लगभग तीस गुना इजाफा है। इसी तरह सबसे कम रेट चकहाता औद्योगिक क्षेत्र का था। यहां के रेट 95 रुपये वर्ग मीटर थे, जो अब 880 रुपये वर्ग मीटर हैं। अन्य छह औद्योगिक क्षेत्रों का भी रेट 32 सौ रुपये वर्ग मीटर निर्धारित हुआ है। जमीन के रेट में जबरदस्त उछाल उद्यमियों के लिए मुश्किलें खड़ा कर रहा है। हालांकि उद्योग विभाग सभी औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करके दोबारा आवंटन की तैयारी पर पूरी में जुटा है। लेकिन भूखंड के रेट के साथ सुविधाएं उद्यमियों के आड़े आ रही हैं।
आठ औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति
जगत सराय में 46 भूखंड, रामपुर थरियाव में 48, त्रिलोकीपुर में 41, सुजरही में 48, इटरोरा-पिलकिनी में 52, चकहाता में 36, चौडगरा में 51 भूखंड और 10 शेड, सधुवापुर में 45 भूखंड हैं। चौडगरा छोड़कर अन्य सभी भूखंड वीरान हैं। सड़क, बिजली खंभे सभी उखड़ चुके हैं। छोटे-छोटे भूखंडों में उद्योग लग नहीं सकते हैं। उद्यमियों को एक साथ कई भूखंड देने होंगे। यह भी उद्योग विभाग के लिए समस्या है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा सदन में फतेहपुर औद्योगिक के साथ अपने 72 भूखंडों का जिक्र भी किया है। इसे देखते हुए अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं।
सधुवापुर का वर्तमान रेट- 3680 रुपये वर्ग मीटर
चकहाता का वर्तमान रेट- 880 रुपये वर्ग मीटर
अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का रेट- 3200 रुपये वर्ग मीटर