जहानाबाद। कस्बा के शाहजहांपुर खालसा बाहरी क्षेत्र मुगल मार्ग स्थित कालीवाहन दुर्गापीठ मंदिर के नौ मंदिरों को ध्वस्त कर भूमाफिया का करोड़ों की जमीन हथियाने का मामला सामने आया है। सर्वराकार सहित स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
मुगल मार्ग के किनारे ग्राम समाज की भूमि पर वर्ष 1992 में कालीवाहन दुर्गापीठ मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर के महंत बाबा कालीदास थे। यहां पर हर साल धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रम होते हैं। उनकी मृत्यु के बाद श्रीधर बाबा को महंत की गद्दी मिली। उन्होंने मंदिर के नाम पर 16 बिस्वा भूमि खरीदी और विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर बनवाए।
5 बिस्वा जमीन में 12 मंदिर स्थापित हुए। 11 बिस्वा भूमि मेला व बागवानी के आरक्षित की गई थी। भू-माफिया ने कब्जे की नीयत से नौ मंदिरों को ध्वस्त कर दिया। मंदिर सहित लगभग 4 बीघा तालाबी जमीन को समतल कराकर कब्जा भी कर लिया। इस मामले को लेकर सर्वराकार रविंद्र कुमार समेत स्थानीय लोगों ने डीएम से मिलकर शिकायत भी की है। 2005 में मंदिर के नियुक्त सर्वराकार रविंद्र कुमार ने बताया कि सत्ता की धमक दिखाते हुए भूमाफिया करोड़ों की जमीन हथियाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूर्तियों को भी चोरी कर ले गए हैं। वे मुख्यमंत्री से पूरे मामले की शिकायत करेंगे। वहीं थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मूर्ति चोरी की कोई सूचना नहीं मिली है।
तालाब को दिया पाट
सर्वराकार का आरोप है कि जमीन से सटे तालाब को पाटकर भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1359 पहली वर्ष के रिकार्ड में 10 बीघा का तालाबी रकबा दर्ज है, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते-चढ़ते भूमिधरी में बदल गया। ये तालाब अब सिमटकर तीन बीघा 19 बिस्वा में सीमित हो गया है।