हुसैनगंज। रामगंगा नहर में दोबारा खांदी कटने से हुए नुकसान के विरोध में किसानों ने भिटौरा रोड जाम किया। किसानों को समझाने पहुंचे एडीएम ने किसानों को समझाया।
भिटौरा ब्लाक के डोलेपुर गांव के पास रामगंगा नहर में बुधवार रात दोबारा खांदी कट गई। इससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ। इससे नाराज सहिमापुर और आसपास के गांवों के किसानों ने गुरुवार सुबह आठ बजे भृगुधाम द्वार के पास भिटौरा रोड जाम कर दिया।
किसानों का कहना है कि 30 तारीख को खांदी का पानी खेतों से अभी उतर भी नहीं पाया था, कि दूसरे दिन 31 जुलाई को फिर खांदी कट गई। प्रधान की मांग के बावजूद नहर के साइफन की मरम्मत नहीं हुई। किसानों के मुताबिक साइफन से पानी निकलता होता, तो पानी बहकर गंगा नदी में चला जाता।
सिंचाई विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। डोलेपुर गांव के घरों में पानी पहले से ही घुसा है। सहिमापुर के कुछ भाग में भी पानी घुसने लगा है। करीब 10 बजे एसडीएम सदर और अधिशासी अभियंता नहर पर पहुंचे, लेकिन किसान डीएम के आने की मांग करते रहे।
साढ़े 10 बजे एडीएम अविनाश त्रिपाठी मौके पर पहुंच किसानों से बात करनी चाही, लेकिन किसान डीएम की जिद पर अड़े रहे। काफी देर वार्ता के बाद अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद करीब 11:10 बजे सड़क का जाम खुला।
इस मौके पर प्रधान जमुना सिंह, भाजपा नेता जितेंद्र सिंह सेंगर, गोवर्धन पाल, शिवांश पटेल, सोनू पाल, अंकित, राम भूषण सिंह, विवेक सिंह, बलराम, शिव सिंह, राम शरण सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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किसानों की मांगें
- चार मई को सिल्ट सफाई के दौरान टूटे साइफन की मरम्मत कराई जाए।
- 20 हजार रुपये प्रति बीघे किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए।
- जलभराव से गिरने वाले मकानों के बदले में पीएम आवास दिए जाएं।
- 500 क्यूसिक से अधिक रामगंगा नहर में पानी न छोड़ा जाए।
- जरूरत के मुताबिक जल निकास के लिए साइफन और नाले बनाए जाएं।