फतेहपुर। उद्योग विभाग के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। जगत सराय में भी कुछ ऐसा ही उद्योग विभाग ने किया है। विभाग ने नगर पालिका से 30 साल के लिए जमीन लीज पर ली और उद्यमियों को 99 साल का पट्टा कर दिया। ये लीज भी अब खत्म हो चुकी है। ऐसे में विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
उद्योग विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र बनाने के नाम पर जगत सराय में भी जमीन चिह्नित की। ये जमीन नगर पालिका की सीमा पर है। इस पर उद्योग विभाग ने 1988 से 1990 के बीच नगर पालिका से जमीन की मांग की। नगर पालिका ने जगत सराय स्थित जमीन 30 सालों के लिए लीज पर दे दी। उद्योग विभाग ने जमीन पर 46 भूखंड तैयार किए। इसमें 45 भूखंडों का आवंटन भी कर दिया। ये आवंटन पूरे 99 साल के लिए किया गया।
इस दौरान तत्कालीन उद्योग अधिकारियों ने आवंटन से पहले नगर पालिका से लीज संबंधित अनुबंध का अध्ययन तक नहीं किया। इस औद्योगिक क्षेत्र की फाइल कागजों के ढेर में दब गई। ये सिलसिला तीन दशक पार कर चुका है। नगर पालिका के ग्राम समाज विभाग के दस्तावेजों में ये लीज अब खत्म भी हो चुकी है।
सरकारी विभागों का मामला होने के चलते ये फाइल अब तक दबी हुई है। लेकिन इन्वेस्टर्स समिट और कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के भूखंड वापसी मामले के बाद उद्योग विभाग का हर पन्ना खुल रहा है। इसमें जगत-सराय औद्योगिक क्षेत्र में लीज का भी मामला शामिल है। इस मामले को लेकर उद्योग विभाग के अधिकारी जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।
उद्योग विभाग के कामकाज पर सवाल
औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने से लेकर आवंटन प्रक्रिया तक सवालों के घेरे में है। वहीं, जगत सराय का मामला भी नई समस्या पैदा करेगा। जगत सराय मामले में अनुबंध 2020 से पहले ही खत्म हो चुका है। इसके बाद भी उद्योग विभाग ने लीज बढ़ाने को लेकर अब तक कोई प्रक्रिया नहीं की। नगर पालिका के ग्राम समाज विभाग में फाइल खुल गई है। ये सोमवार को अधिकारी के पटल तक पहुंच जाएगी। इसके बाद उद्योग विभाग को जवाब देना होगा।
वर्जन
मेरे संज्ञान में नहीं है। अब ये जानकारी मिली है, अगले कार्य दिवस पर ही दिखवाता हूं। अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई होगी।-समीर कुमार कश्यप, ईओ, नगर पालिका, फतेहपुर