फतेहपुर। दहेज में कार समेत अन्य कई मांग पूरी न होने पर पति ने शिक्षिका पत्नी को धोखे से दवाएं खिलाकर गर्भपात करा दिया और तलाक देने की धमकी दी। मामले में कोतवाली पुलिस ने पति समेत सात ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और गर्भपात का मुकदमा दर्ज किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अहमदगंज निवासी रीता त्रिपाठी सहायक अध्यापक हैं। उसकी शादी रायबरेली जिले के खीरो थाने के अतरहर निवासी प्रकाश द्विवेदी के साथ 18 मई 2022 को हुई थी। पति प्रकाश भी सहायक अध्यापक है। वह शादी के बाद दुबारा ससुराल पहुंची। उससे पति, ससुर ज्ञानेंद्र प्रकाश द्विवेदी, सास अरुणा देवी, देवर वेद प्रकाश द्विवेदी, ननद शैली, शिखा, अल्का ने चार पहिया की मांग रखी। खाते में जमा रुपये ससुर के खाते में ट्रांसफर करने और रुपये निकालने के लिए डेबिट कार्ड बनवाने को कहा। इसके साथ प्लाट, बीमा संबंधी कागजात मांगे। उसने मांग पूरी करने पर असमर्थता जताई। उसे मारापीटा और सारे जेवरात, कपड़े रखवा लिए। पिता के साथ 15 जून 2022 को मायके भेज दिया। पति नौ जुलाई को घर आए। उसका डेबिट कार्ड मांगा और नामिनी प्रक्रिया पूरी करने के बारे में पूछताछ की। रीता बोली कि गर्भवती होने के कारण तबीयत खराब चल रही है। इसी वजह से कोई काम नहीं कर सकी। आरोप है कि पति ने दवा के बहाने से बैग से दो टेबलेट निकाली और खाने को दी। उसने दवाएं खा ली। इसके बाद पति दूसरे दिन लौट गए। कुछ दिन बाद उसका गर्भपात हो गया। गर्भपात दवाओं के असर से हुआ है। पति तलाक देने की धमकी देने लगे। इससे तंग आकर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।