पत्नी को जिंदा जलाने में पति को उम्रकैद
- समझौते के लिए आरोपी ने साथी संग साली का अपहरण किया था
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। पत्नी को जिंदा जलाकर मार डालने के बाद मुकदमे में समझौते के लिए साली का अपहरण करने के दोको अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को 20 हजार अर्थदंड की भी सजा सुनाई है। अपहृत पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि देने का आदेश किया है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के उकाथू निवासी रमाशंकर की पुत्री साधना की शादी गढ़ी निवासी राजेश सिंह के साथ हुई थी। आग लगने से नौ नवंबर 2015 को मौत हो गई थी। मामले में रमाशंकर की ओर से पुत्री की हत्या का मुकदमा राजेश सिंह पर दर्ज कराया था। इसके बाद 11 दिसंबर 2015 को रमाशंकर की नाबालिग पुत्री अपनी बहन और भाभी के साथ खेत गई थी।
खेत से किशोरी का नकाबपोश कार सवार अपहरण कर ले गए थे। आवाज से किशोरी के परिजनों ने राजेश को पहचान लिया था। इसके बाद राजेश ने रमांशकर को साधना की हत्या का मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी। मुकदमा वापस नहीं लेने पर गोली मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट संख्या एक के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट में शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई की। कोर्ट में आठ गवाह पेश हुए। गवाह और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजेश सिंह को हत्या में आजीवन कारावास और अपहरण, धमकी में पांच साल कैद की सजा सुनाई है। अपहरण में राजेश के सहयोगी धर्मेंद्र सिंह की मुकदमा दौरान मृत्यु हो चुकी है।