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Fatehpur News: सीवरेज लाइन बनने की फिर जागी उम्मीद

Sat, 25 Feb 2023 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
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फतेहपुर। दशकों पुरानी सीवरेज लाइन की समस्या पर केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री से लेकर राज्य के मंत्री तक से बातचीत की है। 500 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र राज्य शासन दोनों से हरी झंडी मिल चुकी है। केंद्र से जैसे ही पूरे देश के शहरों के सीवरेज के लिए बजट अलॉट होगा। उसमें फतेहपुर भी शामिल होगा। ये जानकारी केंद्रीय मंत्री साध्वी ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कही।
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उन्होंने बताया कि सीवरेज लाइन का बजट काफी बढ़ गया है। इसी वजह से 60 और 40 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य शासन अपने-अपने हिस्से से खर्च करेंगी। इसकी स्वीकृति इसी कार्यकाल में मिलने की उम्मीद है। उनकी प्राथमिकता में सीवेरज लाइन है। केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी ने बाईपास सड़क पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि एनएचएआई और रेलवे अधिकारियों से बातचीत की है।
अधिकारियों से कहा गया है कि ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें बदलकर दूसरों को काम सौंपा जाए। बाईपास सड़क का निर्माण भी प्रक्रिया में है। इस बीच केंद्रीय स्कूल का भी मुद्दा उठा। साध्वी ने बताया कि केंद्रीय स्कूल के लिए बजट स्वीकृति हो गया है। टेंडर जल्दी जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज का भी जिक्र किया। बताया कि मेडिकल कॉलेज जमीन की उपलब्धता नहीं होने की वजह से कौशांबी में बनने जा रहा था। उन्होंने सीएम, डिप्टी सीएम से मुलाकात करके मेडिकल कॉलेज जिले में लेकर आईं। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने केंद्रीय बजट पर चर्चा की। बताया कि 2014 से पहले की तुलना में भाजपा सरकार में अधिक काम हुए हैं। गरीबों को मकान, अनाज, मेडिकल सुविधा सभी ज्यादा संख्या में लोगों को लाभ पहुंचाया गया। मनरेगा में भी पिछली सरकारों की तुलना में ज्यादा बजट आवंटित किया गया है।
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पुरानी सरकार में मिलती थीं लाठियां
खाद की समस्या और कालाबाजारी पर केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी ने सीधे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा की सरकार में खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन लगती थी। किसानों पर लाठियां चटकती थीं। खाद 15 सौ रुपये में बिकती थी। आवारा मवेशियों पर कहा कि पहले की सरकारों में भी आवारा मवेशी खेतों पर जाते थे। भाजपा सरकार में ही गोशाला बनवाई जा रही हैं। इसमें जनसहयोग जरूरी है।
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