फतेहपुर। गोकशी की घटना को अंजाम देने जा रहा हिस्ट्रीशीटर भाई समेत पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। दोनों के पैराें में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों को हथगाम सीएचसी में भर्ती कराया। आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, बाइक, एक गोवंश और गोकशी के उपकरण बरामद हुए हैं।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के नाज भट्ठा के पीछे गोकशी की सूचना पर मंगलवार भोर थानाध्यक्ष सुल्तानपुर घोष राजेंद्र त्रिपाठी, थानाध्यक्ष हथगाम वृंदावन राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने घिरने पर पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की फायरिंग में महफूज हसन उर्फ कल्लू और महमूद हसन पैर में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों खखरेरू थाना क्षेत्र के हकीमपुर खंतवा निवासी हैं। मौके से दो तमंचे, एक गोवंश, बाइक, दो चापड़, छह चाकू, एक कुल्हाड़ी, एक लकड़ी का ठीहा, एक पीले रंग की बड़ी पन्नी, दो पैकेट काली पॉलीथीन बरामद हुई। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति गोवंश के साथ संदिग्ध स्थान पर देखे गए। पुलिस ने घेराबंदी करके उन्हें आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा के लिए फायरिंग में दोनों घायल हुए। आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। महफूज उर्फ कल्लू थाना खखरेरू का हिस्ट्रीशीटर व गैंगस्टर है। इसके खिलाफ 13 मुकदमे पंजीकृत हैं। महमूद हसन के विरुद्ध विभिन्न थानों पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी गोकशी के मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।
रिश्तेदार के घर में छिपे थे
हिस्ट्रीशीटर महफूज, भाई के साथ गोकशी में वांछित होने पर सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र व हथगाम थाना क्षेत्र में रहने वाले रिश्तेदारों के घर में छिपकर रह रहा था। महफूज हिस्ट्रीशीटर व गैंगस्टर है। उसके भाई महमूद हसन पर अपहरण, आबकारी, एससी-एसटी एक्ट, चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।