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फतेहपुरः परिवहन निगम की लाचारी, खटारा बसें यात्रियों पर भारी

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रोडवेज वर्कशाप में खराब खड़ीं बसें। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। वर्कशॉप में समय से काम न होने के कारण परिवहन निगम के फतेहपुर डिपो की बसों का हाल खराब है। लापरवाही कानपुर वर्कशॉप स्तर से हो रही है और उसका असर यहां दिख रहा है। ऐसे में डिपो को अच्छी कमाई देने वाली बसों के इंजन भी धोखा दे रहे हैं। कानपुर वर्कशॉप से पुर्जे मिलने में देरी के कारण बसों को कई-कई दिन वर्कशॉप में खड़ा रखना पड़ रहा है।
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फतेहपुर डिपो के बेड़े में निगम की 112 और अनुबंधित 23 बसें हैं। निगम की 89 में से 20 बसें ऐसी हैं जो दस वर्ष से ज्यादा पुरानी हैं। 15 ऐसी बसें हैं जो नीलामी की लाइन में हैं। शेष 89 बसों में से करीब 20 की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। कई नई बसें भी इंजन और पंप की खराबी के कारण दौड़ने में हांफती हैं। इनमें ऐसी बसें भी शामिल हैं जो प्रतिदिन 25 हजार रुपये तक की कमाई करती हैं।
कानपुर वर्कशॉप से समय पर पुर्जे न मिलने के कारण यहां वर्कशॉप में बसों की मरम्मत नहीं हो पाती। कई बार तो डिपो की बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। दरअसल, बसों के इंजन संबंधी ज्यादातर काम कानपुर वर्कशॉप में होते हैं। अन्य छोटे काम फतेहपुर वर्कशॉप में ही होते हैं, लेकिन इसके लिए पुर्जे और अन्य सामान कानपुर वर्कशॉप से मंगाना होता है।इसी क्रम में डिपो की एक बस कई दिन से कानपुर वर्कशॉप में खड़ी है और फतेहपुर वर्कशॉप में भी पुर्जे न मिलने के कारण करीब 10 बसें खड़ी हुई हैं। इससे सफर करने वाले इन रूटों पर यात्रियों को समस्या होती है।
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यात्री बोले, घंटों करना पड़ता है इंतजार
इन दिनों त्योहार या सहालग का सीजन नहीं है। ऐसे में सवारियों का दबाव कम है। वैसे कई रूटों पर बसों की कमी के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना होता है। सबसे ज्यादा समस्या बांदा रूट पर है। बस स्टैंड पर बहुआ निवासी विमल दो घंटे से बस का इंतजार करते मिले। तिंदवारी निवासी राजेश गुप्ता का कहना है कि बांदा के लिए हर 30 मिनट में बस मिलने का अधिकारी दावा करते हैं, पर ऐसा है नहीं। फतेहपुर से प्रयागराज जा रहे आवास विकास के अंकित सिंह कहते हैं कि एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं।
वर्जन
बसों में मरम्मत के बड़े काम कानपुर वर्कशॉप में होते हैं। इन दिनों वहां डिपो की एक बस खड़ी है। जिसमें इंजन संबंधी व अन्य काम होने हैं। करीब 10 बसों में हमारे वर्कशॉप में काम चल रहा है। करीब 20 बसें ऐसी हैं जिन्हें लगातार मेंटीनेंस की जरूरत होती है, पुर्जे मिलने में समय लग जाता है। जबकि आदेश है कि 21 दिन से ज्यादा किसी बस को खराबी के कारण खड़ा नहीं रखा जा सकता है। - दयाशंकर सिंह, एआरएम फतेहपुर डिपो

रोडवेज बस स्टाप में बस में चढ़ने के लिए यात्रियों की लगी भीड। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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