फतेहपुर। ईसीआई चर्च में 90 हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण के मामले में शुआट्स के चांसलर जेटी ऑलिवर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई जिला कोर्ट ने 18 मार्च को सुनिश्चित की है। इसके पहले अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज हो चुकी है। उधर, नई एसआईटी प्रकरण में दस्तावेज खंगालने में जुटी है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के हरिहरगंज स्थित इवेजलिकल चर्च ऑफ इंडिया के सामूहिक धर्मांतरण के मुकदमे में प्रयागराज नैनी स्थित शुआट्स के चांसलर जेटी आलिवर, वाइस चांसलर डा. आर बी लाल, डायरेक्टर विनोद बी लाल समेत 35 आरोपी विवेचना के दौरान प्रकाश में आए हैं। आरोपियों में वाइस चांसलर समेत अन्य की जिला कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
जिला कोर्ट में सोमवार को इस प्रकरण में चांसलर जेटी ऑलिवर की अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई होनी थी। कोर्ट ने सुनवाई 18 मार्च को किए जाने के आदेश दिए हैं। प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से लाल बंधुओं को 24 मार्च तक की राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर 24 मार्च को पक्ष रखा जाएगा।
उधर, हाईकोर्ट इलाहाबाद में धर्मांतरण के चार मुकदमों के खिलाफ भी फैसला सुरक्षित है। सदर कोतवाली 20 से 25 दिसंबर के बीच शुआट्स के पूर्व छात्र सर्वेंद्र विक्रम सिंह और हरिहरगंज के संजय, वीरेंद्र, मलवां के सत्यवान की ओर से धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इनमें भी शुआट्स के वीसी आरबी लाल समेत कई आरोपी हैं। वीसी की ओर से चारों मुकदमों को खारिज किए जाने और अग्रिम जमानत की याचिका हाईकोर्ट में दाखिल है। हाईकोर्ट की अब एक खंडपीठ चारों मामलों की एक साथ सुनवाई कर चुकी है। चारों में फैसला सुरक्षित है।