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फतेहपुरः चार बच्चों की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग

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बीमारी के बारे में जानकारी लेतीं स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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गाजीपुर। सुकेती में बुखार से चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। बुधवार को सीएमओ कार्यालय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सुकेती गांव पहुंची और घर-घर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्रथम दृष्टया गांव में टायफाइड फैलने की पुष्टि हुई है। हालांकि टायफाइड से मौत होने की बात फिलहाल डॉक्टरों के गले नहीं उतर रही है। डॉक्टरों की टीम ने बीमारी फैलने की वजह गंदगी और दूषित पेयजल का प्रयोग बताई है।
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सुकेती गांव में 11 सितंबर को रोशनलाल के छह वर्षीय पुत्र करन और 13 सितंबर को राजेश की तीन साल की बेटी निशा की मौत बुखार से हो चुकी है। गांव के ही रसीद के 10 वर्षीय पुत्र अनस और राजेश के छह वर्षीय पुत्र दिलीप कई दिनों से सिरदर्द और बुखार से पीड़ित था। उनका उपचार गांव के ही झोलाछाप से चल रहा था। सोमवार की रात दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। बुधवार को महामारी विज्ञानी डॉ. अब्दुला और डॉ. केके सिंह की टीम गांव पहुंची। उन्होंने सबसे पहले मृतक बच्चों के परिजनों से जानकारी लेते हुए पूछा कि जान गंवाने वाले बच्चों के गले व शरीर में कहीं छाले तो नहीं पड़े थे। परिजनों से जानकारी जुटाने के बाद स्वास्थ्य टीम ने 55 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें 35 लोग बीमार मिले। 14 लोगों में टायफाइड की पुष्टि हुई। शेष सामान्य बुखार और खांसी से पीड़ित मिले।
तीन टीम गुरुवार को गांव पहुंचकर ग्रामीणों के सैंपल लेंगी। इसके बाद जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। इसके बाद बीमारी के अनुरूप उपचार किया जाएगा। सभी को प्राथमिक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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- डॉ. अब्दुल्ला, महामारी विज्ञानी
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