फतेहपुर। आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड बनवाने में स्वास्थ्य विभाग के असफल होने के बाद अब पंचायतीराज विभाग को यह काम सौंपा गया है। जिले के 600 पंचायत सहायकों की आईडी बनाकर उन्हें अपने-अपने गांवों में पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ ने सभी पंचायत सहायकों को रोजाना 50-50 गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज के लिए जिले में 8.19 लाख पात्र हैं। अब तक महज 1.82 लाख गोल्डन कार्ड ही बन पाए हैं। इसमें अभी तक सिर्फ 8223 परिवारों को ही मुफ्त इलाज का लाभ मिला है। छह लाख से अधिक गरीबों को अब तक गोल्डन कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। शासन की मंशा पर आशा बहू को पांच-पांच और आयुष्मान मित्रों को 30-30 गोल्डन कार्ड बनाने के आदेश दिए गए हैं। डीपीआरओ उपकेंद्र राज सिंह ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनवाने का काम शुरू करा दिया गया है।