खाने-पीने के बहाने बुलाया था
उसने शत्रुघ्न को खाने-पीने के बहाने फोन कर बुलाया। रास्ते में शत्रुघ्न को गांव का छोटू पासवान मिला। उसने बाइक में छोटू को साथ लिया। मंडी समिति मोदी मैदान में चारों बैठकर शराब पीने लगे। इसके बाद महेश ने छोटू को बाइक से शराब लेने भेज दिया। इधर, महेश ने शत्रुघ्न की गला काटकर हत्या कर दी।
रक्तरंजित हालत में पड़ा था शव
चर्चा है कि छोटू के साथ शराब लेने राजन भी गया था। शराब लेकर छोटू लौटा, तो रक्तरंजित हालत में शत्रुघ्न को देखकर उसके होश उड़ गए। मौके से पैदल गांव की ओर भागा और घटना की खबर दी। हत्यारोपियों की छूटी बाइक के सहारे पुलिस टिकरिया गांव पहुंची।
युवती की भूमिका की जांच शुरू
पुलिस ने आरोपी महेश के परिजनों और युवती को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर ने बताया कि आशनाई के चलते हत्या की गई है। युवती को इस बात का पता था कि महेश कभी भी शत्रुघ्न की हत्या कर सकता है। युवती की भूमिका की जांच की जा रही है।
पेट्रोल खत्म होने पर छोड़ी थी आरोपियों ने बाइक
शत्रुघ्न की हत्या के आरोपी अपनी बाइक पेट्रोल खत्म होने की वजह से छोड़कर भाग निकले थे। भागने के लिए मृतक की बाइक का इस्तेमाल किया। कातिलों की छूटी बाइक से लोग कयास लगा रहे थे कि मौके पर किसी के पहुंचने पर जल्दबाजी में आरोपी भाग निकले होंगे।
बाइक स्टार्ट करने की कोशिश में हुआ खुलासा
जबकि घटनास्थल के आसपास कोई नहीं था। मौके पर पुलिस ने बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की, तभी इसका खुलासा किया। बाइक महेश के मुंबई में रहने वाले भाई रणवेश सिंह के नाम है। महेश गैस सिलिंडर की गाड़ी चलाता था। कुछ माह से कोई काम नहीं कर रहा था।
जान बचाकर भागा था छोटू
वारदात का गवाह छोटू पासवान शराब लेकर मौके पर पहुंचा, तो साथी शत्रुघ्न का गला कटा देखकर उसके होश उड़ गए थे। हत्यारोपियों को लगा कि उनके लिए छोटू खतरा हो सकता है। छोटू के परिवार के लोगों ने बताया कि आरोपी छोटू को मारने के लिए दौड़े थे। किसी तरह छोटू ने भागकर जान बचाई है।
कपड़ों की खरीदारी कर लौटा था शत्रुघ्न
परिवार में शादी की खुशियों का माहौल था। परिवार और अपने के लिए शत्रुघ्न बुधवार को शहर कपड़े खरीदने आया था। वह कपड़े लेकर शाम को घर पहुंचा था। किसी को भी शत्रुघ्न की हत्या का अंदाजा नहीं था। अचानक रात करीब साढ़े नौ बजे हत्या की खबर फैली, तो परिवार में कोहराम मच गया।