अल्लीपुर (फतेहपुर)। बच्ची व महिला की हत्या कर झाड़ियों के पीछे नाले में फेंके शव सोमवार शाम ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बरामद किए। दोहरे हत्याकांड की खबर से इलाकाई लोगों में सनसनी फैल गई। महिला और बच्ची के बीच मां-बेटी का रिश्ता माना जा रहा है। शवों की पहचान नहीं हो सकी है। दोनों की हत्या धारदार हथियार से मानी जा रही है।
मलवां थाना क्षेत्र के बाजापुर गांव के सगे भाई सुरेंद्र और वीरेंद्र पासवान के रोड किनारे खेत हैं। खेत के बगल में नाला व झाड़ियां हैं। धान काटने गए ग्रामीणों ने नाले में शाम करीब सात बजे शवों को देखा। बाजापुर गांव कैंची मोड़ से बिंदकी मुगलमार्ग पड़ता है। मलवां पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी विजय शंकर मिश्र ने शवों को नाले से निकलवाया। महिला की उम्र करीब 25 साल और बच्ची की एक साल है। महिला नीले रंग की साड़ी व सैंडिल और बच्ची सफेद फ्राक पहने थी। बच्ची के गले व महिला के शरीर में धारदार हथियार से हमले के निशान मिले हैं। महिला का शव फूल चुका था। इसी वजह से कोई जाहिरा चोट नहीं दिखी। फोरेंसिक टीम ने दोनों के बालों व आसपास की मिट्टी का सैंपल लिया है। कयास लगाए गए महिला व बच्ची का कहीं से अपहरण किया गया। दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या कर दी गई। बच्ची को भी कातिलों ने मारने के बाद शवों को झाड़ियों के पीछे नाले में फेंक दिया। देर रात एसपी धवल जायसवाल भी मौके पर पहुंचे। एएसपी विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में शव रखवाया गया है। शव की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। शव करीब दो दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं।
कहीं मेले से तो गायब नहीं हुई थी महिला व बच्ची
फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के बाजापुर गांव से बरामद महिला व बच्ची के शवों के मामले में पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। शव रोड किनारे मिले हैं। उनकी हत्या रोड पर नहीं की जा सकती है। बाहरी व्यक्ति गांव के अंदर घुसने के बाद खेत तक नहीं पहुंच सकता है। इसी वजह से माना जा रहा है कि हत्या कहीं और गई। उसके बाद शवों को फेंका गया है। शवों के बरामद स्थल से तीन किलोमीटर दूर कुंवरपुर गांव है। इस गांव में शुक्रवार रात वार्षिक बड़ा मेला था। महिला व बच्ची के मेले से ही गुम होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि शव भी दो से तीन दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं। पुलिस मेले में लगे कैमरों की जांच में भी जुटी है। इसके अलावा कानपुर-प्रयागराज हाईवे मार्ग पर कैंची मोड़ करीब दो किलोमीटर दूर है। बांदा-कानपुर हाईवे मार्ग पर बिंदकी करीब आठ किलोमीटर दूर है। इन हालातों में शव कहीं से भी लाकर फेंके जा सकते हैं।