बिंदकी। औद्योगिक क्षेत्र चकहाता का मामला राजस्व विभाग और उद्योग विभाग के बीच उलझा हुआ था। चकहाता स्थित बंजर की जमीन पर संचालित अस्थायी गोशाला बंजर जमीन पर बताई जा रही थी, जबकि उद्योग विभाग अपने विभाग की जमीन होने का दावा कर रहा था। इस पर अब पटाक्षेप हो गया है। तहसील प्रशासन ने स्वीकर किया है कि 90 के दशक में राज्य सरकार के आदेश के आधार पर जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र होने की पुष्टि होती है।
तहसील क्षेत्र के चकहाता गांव स्थित भूखंड को सन् 1990 में औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया था। इस भूखंड पर उद्योग विभाग द्वारा कुछ निर्माण कार्य भी कराए गए थे। इसमें बैठने के लिए चबूतरा, गेट और कमरे का निर्माण शामिल है। वर्तमान में इस जमीन पर अस्थायी गोशाला संचालित हो रही है। राजस्व विभाग लगातार इस बात को नकार रहा था कि गोशाला औद्योगिक क्षेत्र की जमीन पर संचालित है।
मामला सुलझाने के लिए राजस्व विभाग पुराने दस्तावेजों को खंगालने में लगा था। उनके हाथ सन् 1990 में राज्य सरकार द्वारा जारी एक आदेश लगा है। इस आदेश और राजस्व कर्मचारियों की जांच के आधार पर अस्थायी गोशाला की जमीन औद्योगिक क्षेत्र की मानी जा रही है। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि अभी जांच जारी है। अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के जैसे निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।