फतेहपुर। शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर फूंकने के बाद बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर ट्राॅलियां लगाई जाती है, लेकिन जिले के चार लाख विद्युत उपभोक्ताओं के बीच सिर्फ दो मोबाइल ट्रांसफार्मर ट्राॅली हैं। इस वजह से यहां के लोगों को कई-कई दिन बिना बिजली के रहना पड़ रहा है।
जिले में करीब 55 उपकेंद्र व 240 फीडर हैं। इसमें लगभग चार लाख उपभोक्ता हैं। इनको बिजली देने के लिए लगभग 53 हजार 350 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सदर डिवीजन में 13 हजार 279 ट्रांसफार्मर, बिंदकी में 18 हजार 523 ट्रांसफार्मर, खागा में 21 हजार 548 ट्रांसफार्मर लगे हैं। प्रतिदिन वर्कशाॅप में 20 से 25 ट्रांसफार्मर खराब आ रहे हैं।
तीन महीने में एक हजार से अधिक ट्रांसफार्मर खराब होकर वर्कशॉप में आ चुके हैं, लेकिन मोबाइल ट्रांसफार्मर ट्रालियां सिर्फ दो ही हैं। इस कारण दोनों डिवीजनों के उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण बिना बिजली कई दिनों तक रहना पड़ रहा है।
-26 जून 2024 को बहुआ ब्लॉक के गौरी गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर फूंकने के बाद करीब 15 सौ की आबादी चार दिन अंधरे में रही।
- 6 जुलाई 2024 से थरियांव कस्बे के जीटी रोड में 63 केवीए ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। जो अब तक बदला नहीं गया है। इसकी वजह से करीब 700 घरों में बीते सात दिनों से अंधेरा छाया है।
-23 अप्रैल 2024 को खखरेरू नगर पंचायत के जोधासिंह नगर में लगा 25 केवीए ट्रांसफार्मर 17 अप्रैल को फूंक गया। इससे करीब 50 घरों की आपूर्ति करीब छह दिनों तक बाधित रही।
जनपद में कम से कम 52 मोबाइल ट्राली ट्रांसफार्मर होना चाहिए। इसके लिए मांग भी जारी है। जैसे ही ट्राॅलियों को बंदोबस्त होता है। उसमें ट्रांसफार्मर लगा दिए जाएंगे।-एसके लोहाट, अधीक्षण अभियंता, फतेहपुर।