अमित अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने 26 जनवरी को बिंदकी आया। तभी पूनम ने मुंबई से पति की हत्या की प्रेमी से मोबाइल पर योजना बना डाली। सात लाख रुपये में हत्या की बात तय हुई। प्लान के तहत 29 जनवरी को पूनम बच्चों के साथ घर आ गई। घटना की रात अविनाश और केशव अपाचे बाइक से रेकी को पहुंचे। बाकी सदस्य अविनाश की लोडर से बाद में पहुंचे।
पूनम ने रात को दरवाजा खोलकर सभी को अंदर किया। हिस्ट्रीशीटर ने लोहे की रॉड से अमित के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। नुकीली चीज से गर्दन पर शीलू ने प्रहार किया। कुछ लोग भाग निकले। करीब एक घंटे तक कमरे में अविनाश मौजूद रहा। इसके बाद पूनम ने खुद को बंधक बनाकर पति की हत्या व लूट का नाटक रचा।
पूनम से पूछताछ के बाद सारा मामला खुल सका। एसपी ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बिंदकी कोतवाली और सर्विलांस टीम को 25 हजार का इनाम दिया है। आरोपियों के पास से एक तमंचा, तीन मोबाइल, रॉड, दो बाइक, लोडर बरामद किया है। आरोपी अंकित उर्फ शेरा पर 14 मुकदमे, कानपुर के केशव गुप्ता के खिलाफ चोरी के चार मुकदमे दर्ज हैं।
चोरी का भी आरोपियों से खुलासा
हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने 23 दिसंबर को 15 लाख की हुई चोरी का खुलासा किया है। औंग थाना क्षेत्र के गढ़ीकीचकपुर निवासी वायुसैनिक अभिमन्यु सिंह के घर से जेवरात और सामान चोरी हुआ था। पुलिस ने चोरी में एलईडी टीवी, कैमरा, लैपटॉप और 30 हजार रुपये बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि चोरी में हिस्ट्रीशीटर अंकित सिंह उर्फ शेरा सिंह, अंशुल पासवान, केशव गुप्ता, अविनाश यादव, मोहित, शीलू शामिल रहे हैं।
अनाथ से हो गए पूनम-अमित के बच्चे
एक दशक पहले एक दूसरे के लिए मर मिटने की कसम खाकर प्रेम विवाह रचाने वाले अमित और पूनम के रिश्ते इतने भयावह हो जाएंगे, यह किसी ने नहीं सोचा था। बिंदकी के अमित गुप्ता ने करोड़ों की संपत्ति मुंबई में बनाई। वह अब पैतृक गांव में आना चाहता था। यहां से लगाव को देखकर पूनम पति अमित के चरित्र पर संदेह करने लगी।
40 लाख का फ्लैट बेचकर बिंदकी में घर बनवाने से पूनम के होश ही उड़ गए थे। उसे लगा सारी संपत्ति अमित अपनी मां, विधवा बहन, बहन के बच्चों और प्रेमिका पर लुटा देगा। हालात यह पैदा हो गए कि पूनम ने पति को मरवा डाला। पिता का साया छिनने और मां के जेल जाने के बाद उनके बच्चों अर्पित (10) और परी (8) का अनाथों जैसा हाल हो गया है।
शीलू के लिए पुलिस टीम रवाना
बिंदकी पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार रात कानपुर साढ़ थाना क्षेत्र के अरंजझामी गांव में दबिश दी थी। पुलिस के हाथ शेरा लगा था। मौके से शीलू पासवान भाग निकला था। पुलिस को चकमा देने के लिए शीलू पासवान अरंजझामी के पड़ोसी गांव पसियापुर में पूरी रात मेगा हाईटेंशन लाइन के टावर पर लटका रहा।
वहीं आसपास पुलिस तलाश करती रही। वह टावर पर चढ़े हुए पुलिस को देखता रहा, लेकिन पुलिस उसे नहीं देख पाई। ठंड में हालत बिगड़ने के बाद उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। एसपी ने बताया कि टीम उसकी तलाश में रवाना की गई है। बता दें हिस्ट्रीशीट शीलू और मोहित सगे भाई हैं। उनका ननिहाल अरंजझामी गांव है।