फाइल फोटो 17- हेमू गुप्ता
- जल्द खुलासे का दावा, प्रतापगढ़ के युवक के भी शामिल होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। कारोबारी की पत्नी हेमू हत्याकांड में पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश में रविवार रात दबिश दी। पुलिस ने नामजद चार लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में प्रतापगढ़ के एक युवक का मृतका के घर आना-जाने का पता लगा है। पुलिस उसकी भी तलाश में है।
कोतवाली क्षेत्र के सुपर मार्केट निवासी हेमू की 30 अप्रैल की रात घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या की गई थी। हत्या के मामले में मृतका के भाई की ओर से सास समेत सात लोगों के खिलाफ प्रापर्टी विवाद में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस सास शांति देवी और एक पान दुकानदार दुर्गा सोनी को पहले से हिरासत में लिए है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। सूत्रानुसार पुलिस ने रविवार रात नामजद फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी। दो नामजद रात को पकड़े गए। इसके बाद सोमवार दोपहर दो अन्य नामजद आरोपियों को पकड़ा गया।
पूछताछ में घटना के अहम सुराग पुलिस को मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि प्रतापगढ़ के रहने वाले एक युवक का मृतका के घर आना-जाना था। मृतका का मायका भी प्रतापगढ़ है। उस युवक को मायके वालों से अलग बताया जा रहा है। पुलिस की शक की सुई घूमी है। पुलिस का दावा है कि दो से तीन दिन में कातिल तक पहुंच जाएगी। सीओ दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि घटना संपत्ति विवाद में हुई है।
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इनसेट
हेमू की हत्या से किसे मिलेगा फायदा
पुलिस प्रथम दृष्टया हेमू हत्याकांड की जांच प्रापर्टी विवाद के बिंदु पर कर रही है। सवाल उठता है कि हेमू प्रापर्टी में कहां किसे नुकसान पहुंचा रही थी और उसकी मौत से किसे फायदा हो सकता है। हेमू की दो बेटियां और एक पांच साल मानसिक रूप से कमजोर बेटा है। प्रापर्टी के लिए हेमू को रास्ते से हटाने पर भी संपत्ति की दावेदार बेटियां और पुत्र ही रहेंगे।
आरोपियों में सास शांति देवी करीब 80 साल की है। उन्होंने पहले ही प्रापर्टी का काफी हिस्सा अपने दूसरे करीबी सदस्यों को वरासत कर रखा है। इसका ही मुकदमा चल रहा है। हेमू की हत्या से मुकदमे की पैरोकारी कमजोर की जा सकती है। दूसरेे खागा के आरोपी दुर्गा सोनी हैं। दुर्गा पहले मार्केट में किरायेदार थे। कई साल पहले एक दुकान का बैनामा कराया था। हालांकि उस दुकान पर कोई दूसरा पहले से कब्जा किए है।
इस विवाद में भी मृतका का कोई जुड़ाव होना संभव नजर नहीं आ रहा है। अब नामजद आरोपियों में शांति देवी के दो दामाद, दो बेटियां और कौशांबी का रिश्तेदार बचते हैं। पुलिस जांच कर रही है कि इन लोगों को संपत्ति का किस तरह से परोक्ष और अपरोक्ष रूप से फायदा मिल सकता है।