फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के बावजूद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते तीन दिनों में डेंगू के पांच नए मरीज मिले हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है। वहीं, अब शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या 66 हो गई है। जबकि जिले में यह आंकड़ा 145 हो गया है। नवंबर तक डेंगू का मच्छर परेशान कर सकता है। तापमान में गिरावट के बाद ही लोगों को राहत मिल सकती है। इस बीच डेंगू के मच्छर को न पनपने देने से ही इससे बचा जा सकता है।
साफ पानी में पैदा होने वाले डेंगू मच्छर ने स्वास्थ्य विभाग का पसीना निकाल रखा है। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे बुखार के रोगियों की प्लेट्लेट्स तेजी से घट रही हैं। ऐसे में एलाइजा जांच होने पर अधिकतर रोगियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। पिछले साल 357 रोगियों के सापेक्ष इस साल अब तक डेंगू के रोगियों की संख्या 145 हो चुकी है। 18 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान में पैदा होने वाला डेंगू मच्छर तीन दिन तक पांच मिलीमीटर पानी भरा रहने पर भी पैदा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि बारिश का पानी अब भी जगह-जगह भरा है। इसके अलावा घरों में भी लोग बाल्टी-टब आदि में पानी भरकर छोड़ देते हैं। इससे डेंगू के मच्छर के पनपने का खतरा बना रहता है। कूलर, एसी, फ्रिज से डेंगू के मच्छर पनपते ही हैं। डाॅक्टरों का कहना है कि सभी लोग कूलर का पानी निकाल देें। फ्रिज और एसी की नियमित सफाई करें। बाल्टी या टब में पानी भरकर न रखें, जिससे घरों में डेंगू के मच्छर न पैदा हों।
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जिले में पहले एलाइजा जांच की सुविधा नहीं थी तो डेंगू के रोगियों की पुष्टि कम होती थी। दो साल से जिला अस्पताल में एलाइजा मशीन से जांच शुरू होने के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जांच कराते समय सभी लोग पता और मोबाइल नंबर सही अंकित कराएं, जिससे मलेरिया विभाग को निरोधात्मक कार्रवाई करने में दिक्कत न पैदा हो।
- कीर्तिरंजन, जिला मलेरिया अधिकारी