संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर/हुसैनगंज। दहेज हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध बेटे और पत्नी को बचाने के लिए वृद्ध ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वृद्ध ने बेटे की ससुराल पहुंचकर घटना को अंजाम दिया। वह मुकदमे में काफी दिनों से सुलह करने की बात कह रहा था। दूसरे पक्ष के सुलह को राजी नहीं होने पर आत्महत्या की। फील्ड यूनिट ने मौके से तमंचा और अन्य साक्ष्य परीक्षण को जुटाए हैं।
थाना क्षेत्र के 12 मील निवासी रामचंद्र पाल की पुत्री अनीता देवी की शादी अप्रैल 2022 में हथगाम थाना के सिठौरा निवासी राजेश पाल (60) के पुत्र धर्मेंद्र से हुई थी। शादी के करीब चार माह बाद अनीता की मौत हो गई थी। रामचंद्र ने बेटी की मौत पर उसके पति धर्मेंद्र व सास कलावती के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हथगाम पुलिस ने धर्मेंद्र और कलावती को जेल भेजा था। इधर, राजेश पाल बेटे और पत्नी को जेल से छुड़ाने के लिए बहू के मायके पक्ष से सुलह समझौते का प्रयास करने लगा। मृतका के परिजन सुलह को राजी नहीं हो रहे थे।
सुलह की बातचीत के लिए रविवार सुबह राजेश पाल बेटे के ससुराल पहुंचा। वह रामचंद्र के बेटे प्रिंस से सुलह की बात करने लगा। उसके मना कर देने पर आवेश में आकर राजेश पाल ने तमंचा निकाला और पेट में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण पहुंचे। घटना की पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे सीएचसी लेकर पहुंची। डॉक्टर ने हालत नाजुक देखकर जिला अस्पताल रेफर किया।
जिला अस्पताल में डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के बेटे बृजेंद्र ने गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया है। सीओ सिटी वीर सिंह ने बताया कि दहेज हत्या के मुकदमे में समझौता नहीं करने पर वृद्ध ने खुद को गोली मारी है। वह गोली मारकर दहेज हत्या का आरोप लगाने वाले ससुराल पक्ष को फंसाना चाहता था।
परिवार को फंसाने की जेल में रची थी साजिश
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फतेहपुर। दहेज हत्या पीड़ित परिवार को सुलह न करने पर फंसाने की जेल में साजिश रची गई थी। पुलिस साजिश में सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वह गवाह के रूप में साजिश में शामिल होने पहुंचा था। वह भी दहेज हत्या के मामले में जेल जा चुका है।
हथगाम थाना क्षेत्र के सिठौरा गांव का आत्महत्या करने वाला राजेश पाल हुसैनगंज थाना क्षेत्र के 12 मील बेटे की ससुराल सुबह बस से पहुंचा था। गोली मारने के बाद पुलिस जांच को पहुंची। पुलिस के सामने राजेश की हत्या का गवाह के रूप में धाता निवासी अमित पाल सामने आया। एक तरफ पूरा गांव आत्महत्या की गवाही दे रहा था। पुलिस की पूछताछ में अमित ने बताया कि वह बाइक से गुजर रहा था, तभी उसने घटना देखी।
पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ चालू की। पुलिस ने अमित के मोबाइल का सीडीआर खंगाला। मोबाइल पर मृतक के मोबाइल और अमित के बीच सुबह बातचीत होने का पता लगा। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि धाता थाने से अमित और उसकी मां, भाई दहेज हत्या में ही जेल गए थे। वहां अमित की मुलाकात धर्मेंद्र से हुई थी।
दोनों के सजातीय हाेने के कारण करीबी हो गई थी। धर्मेंद्र ने अमित को आपबीती बताई। जेल से छूटने पर अमित ने धर्मेंद्र का सहयोग करने की बात कही। धर्मेंद्र ने अमित से बोला था कि पिता के गोली मारने का गवाह बनना है। दोनों सजातीय एक ही मुकदमे से पीड़ित थे। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि जांच दौरान घटना का झूठा गवाह अमित के बनने की बात सामने आई है। उससे पूछताछ की जा रही है।
हत्या का आरोप लगाया
मृतक राजेश पाल के बेटे बृजेंद्र ने पिता की हत्या का आरोप रामचंद्र व उसके बेटे प्रिंस समेत तीन लोगों पर लगाया है। उसने बताया कि पिता बस से सुबह दवा लेने को निकले थे। पिता को मुकदमे में सुलह का झांसा देकर रामचंद्र ने घर बुलाया था। वह पहले भी पिता को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। घर बुलाने के बाद पिता राजेश की रामचंद्र और उसके बेटों ने हत्या कर दी है। उधर, एक्सरे के बाद डाक्टर पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया है।