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फतेहपुर : गुजरात के मदरसे से भगाया गया था सैफुल्ला, परिवार और आसपास के लोगों को गतिविधियों पर था शक

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फतेहपुर। आतंकी सैफुल्ला अपनी गलत गतिविधियों के चलते गुजरात के मदरसे से भगाया गया था। यह बात उसके परिचित लोगों ने बताई है। जिसके बाद उसका प्रतापगढ़ में नाम लिखाया गया।
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वहां से भी पढ़ाई छोड़कर वह चला आया था। उसकी गतिविधियों की जानकारी पड़ोसियों और दोस्तों को थी। पड़ोस के लड़कों ने उससे मतलब रखना बंद कर दिया था। वह सभी को जिहाद के लिए उकसाता था। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में रहने वाले कौम के लोगों की मदद के लिए कहता था। वह मुस्लिमों के साथ होने वाली क्रूरता के वीडियो दिखाकर जिहाद के लिए उकसाता था। घरवाले कहीं न कहीं उसकी मानसिकता जान चुके थे। घर में काफी दिनों से सैफुल्ला और उसके पिता के बीच विवाद चल रहा था। पिता ने उसे सही राह पर लाने के लिए घर में खाना पानी बंद कर दिया था। कई बार उसे पीटा भी था।
जैश-ए-मोहम्मद से सीखा था फर्जी आईडी बनाया
गलत राह दिखाने वाले इस्लामिक संगठनों के वीडियो देखकर जैश-ए-मोहम्मद से वह जुड़ा था। उसे आतंकी संगठन के लोगों ने ही फर्जी आईडी बनाना सिखाया था। उसे यह भी बताया था कि कुछ दिनों में उसे आईडी फिर से नई बनानी होगी। कुछ करीबी लोगों ने बताया कि आईडी बनाने के लिए दोस्तों के मोबाइल का इस्तेमाल करता था। वह बहाने से मोबाइल लेता था। उसके बाद आईडी बनाता था। आईडी बनाने के दौरान मोबाइल अपने पास ही रखता था। ओटीपी मैसेज को चेक करने के बाद डिलीट कर देता था। उसकी अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश के संगठनों से अक्सर बातचीत होती थी।
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घर से भगाए जाने पर दोस्तों के घर में काटा समय
पिता जफरूल ने सैफुल्ला को घर से भगा दिया था। इसके बाद वह अलग-अलग दोस्तों के घरों में कुछ दिन के लिए रुकता था। धरपकड़ के दिन बाइक से दोपहर करीब तीन बजे वह नमाज पढ़ाकर अपने किसी दोस्त के घर लौट रहा था। रास्ते में एटीएस ने आतंकी को पकड़ लिया। सैफुल्ला के पकड़े जाते ही लोगों में चर्चा हो गई थी कि बड़ी घटना को अंजाम दिया होगा या फिर घटना की योजना बना रहा होगा।
एटीएस ने मलवां थाने में छोड़ी बाइक
एटीएस ने सैफुल्ला और उसके साथी को पकड़ने के बाद सीधे कानपुर हाईवे पर ले गई थी। एटीएस ने उसकी बाइक मलवां थाने में पुलिस के सुपुर्द की। बाइक सैफुल्ला के बड़े भाई फकरूल इस्लाम के नाम पर है।
कोरोना काल से सक्रिय हुआ था
साल 2019 में कोरोना के समय इटावा से सैफुल्ला लौटकर घर आया था। वह मोबाइल में आतंकी संगठनों के वीडियो देखकर जिहाद की तरफ आकर्षित हो गया था। वह मोबाइल पर वीडियो देखने के बाद लिंक के जरिये आतंकी संगठनों के संपर्क तक पहुंचा। उसका ब्रेन वॉश संगठनों ने किया था। वह अपने साथ चाकू भी रखता था। उसके पास मौजूद चाकू को कई लोगों ने देखा था।
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