खागा। कबरे गांव में दो कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। गांव के लोगों के पास सबसे बड़ी दिक्कत आटा और तेल को लेकर पैदा हुई है। गांव के लोगों को आटा लेने के लिए गांव के मजरे मटिहा फतेहपुर स्थित आटा चक्की तक जाना पड़ता है। मगर सख्ती के कारण वह मटिहा नहीं जा पा रहे है। लोगों ने मदद की मांग की है। गांव के रहने वाले मकबूल हसन, बच्ची पासवान, हरिश्चंद्र, राजू विश्वकर्मा, मुजीब हसन आदि ने बताया कि मौजूदा समय गांव के लोगों के पास गेहूं, चावल, दूध आदि राशन है। गांव सील होने के कारण गांव हरी सब्जियां भी नहीं आ रही है। गांव के लोग बिना सब्जियों के तो गुजारा कर सकते है लेकिन घरों में मौजूद आटा और तेल खत्म हो चुका है। गांव में एक भी आटा चक्की नहीं है। ग्रामीणों को इसके लिए मटिहा फतेहपुर तक जाना पड़ता है। मंगलवार को गेहूं पिसाने के लिए लोग मटिहा के लिए निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें वापस कर दिया। ऐसे में उनके पास कोई विकल्प नहीं है बिना आटे के लोग अपना पेट नहीं भर सकते है। लोगों ने अधिकारियों से गांव में आटे व तेल की व्यवस्था कराने की मांग की है।