विजयीपुर। ब्लॉक क्षेत्र के गढ़ा पंचायत में शिक्षक के हाथों बच्चों की किताबें बेचे जाने के मामले की जांच के लिए सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव स्कूल पहुंचे। आरोपित प्रधानाध्यापक ने कहा कि किताबें उन्होंने नहीं बल्कि बच्चों ने बेची थी। जांच के बाद बीईओ ने बताया कि शिक्षक जांच में दोषी पाए गए हैं और उनके खिलाफ बीएसए को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें प्राथमिक विद्यालय के चितनपुर मजरे गढ़ा के एक अध्यापक कबाड़ी को किताबें बेचते हुए देखे गए। वीडियो में शिक्षक ने किताबों के बदले केले लिए थे। ग्रामीणों ने कबाड़ी से पूछताछ की तो पता चला कि शिक्षक ने 20 किलो किताबें बेची हैं। अध्यापक कोई और नहीं बल्कि स्कूल के प्रधानाध्यापक हरिशंकर मिश्रा थे।
बीएसए संजय कुशवाहा के निर्देश पर जांच के लिए पहुंचे बीईओ ने आरोपी प्रधानाध्यापक के बयान दर्ज किए और ग्रामीणों से भी पूछताछ की। बीईओ ने बताया कि वीडियो व ग्रामीणों के बयान के बाद यह पाया गया कि प्रधानाध्यापक ने ही किताबें बेच दी हैं। जांच में वह दोषी पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बीएसए को भेजी जा रही है।